फर्रुखाबाद/
बरसात के मौसम में हर साल जलभराव से जूझने वाले फर्रुखाबाद के लोगों को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर मंगलवार से नगर के प्रमुख नालों की विशेष सफाई और सिल्ट निकासी का व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया। इस बार केवल सफाई ही नहीं, बल्कि पूरे अभियान की निगरानी के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है, ताकि लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे।
प्रशासन की योजना के अनुसार नगर के 16 प्रमुख नालों की चरणबद्ध तरीके से सफाई कराई जाएगी। प्रत्येक नाले पर एक नोडल अधिकारी, एक पर्यवेक्षण अधिकारी और सफाई नायकों की टीम तैनात की गई है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि नालों की नियमित सफाई, सिल्ट निकासी और जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखें तथा समय-समय पर प्रशासन को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
अभियान के पहले चरण में पक्कापुल से गुदड़ी, तलैया फजल इमाम से आईएंडडी प्लांट, रेलवे स्टेशन से ग्राम रम्पुरा ताल और बीबीगंज से करबला तक के नालों की सफाई कराई जाएगी। इन कार्यों की निगरानी के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि अवर अभियंता भीष्म सिंह साहनी को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। सफाई कार्य के लिए नीरज, दीपक रंजन, विजय और अयूब की टीम लगाई गई है।
इसी प्रकार पक्का गल्ला मंडी से पक्का पुल, आईटीआई से लाल गेट, घेरशामू खां से देवराम गुमटी और रकाबगंज से आमिलपुर तक के नालों की सफाई की जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है। यहां अवर अभियंता देवव्रत यादव कार्य की निगरानी करेंगे, जबकि सतराम, दीपक रंजन, सुनील और अयूब की टीम सफाई अभियान को अंजाम देगी।
आवास विकास से मसेनी, भोलेपुर से नगला नैन, हाथीखाना से पुलमंडी और जाफरी फतेहगढ़ से पुलमंडी तक के नालों की सफाई के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अवर अभियंता प्रमोद कुमार को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी मिली है, जबकि नीरज, दीपक, राजेश, विजय और हरिशंकर की टीम सफाई कार्य करेगी।
वहीं महबूबबख्श से बरगदिया घाट, फतेहगढ़ बस स्टैंड से बरगदिया घाट, भूसा मंडी से पुलमंडी और पी.डी. महिला डिग्री कॉलेज से सिविल लाइन गंगा तक के नालों की सफाई का जिम्मा जिला गन्ना अधिकारी को दिया गया है। यहां आदित्य पाण्डेय (सफाई एवं खाद्य निरीक्षक) पर्यवेक्षण करेंगे तथा तालिब और हरिशंकर सफाई अभियान का नेतृत्व करेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस विशेष अभियान से शहर की जल निकासी व्यवस्था पहले से बेहतर होगी और लोगों को बरसात के दिनों में होने वाली परेशानी से काफी राहत मिलेगी। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि यह अभियान कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में नालों की सफाई से जलभराव की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकलता है।
