मेरापुर /फर्रुखाबाद।
थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव नगला भोज स्थित प्राथमिक विद्यालय में बिजली विभाग और संबंधित जिम्मेदारों की लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनते-बनते बच गई। विद्यालय परिसर में फैले नंगे और क्षतिग्रस्त बिजली के तारों के चलते लोहे के जंगले में करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर 11 वर्षीय बालक आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। समय रहते उसकी मां ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए उसे बचा लिया, अन्यथा यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी दिलीप कुमार का 11 वर्षीय पुत्र आदित्य मंगलवार को गांव के अन्य बच्चों के साथ प्राथमिक विद्यालय परिसर में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह विद्यालय के लोहे के जंगले पर चढ़ गया। तभी जंगले में दौड़ रहे करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। करंट लगते ही आदित्य जंगले से चिपक गया और दर्द से तड़पने लगा।
घटना देखकर अन्य बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बच्चों के शोर सुनकर आदित्य की मां पूजा देवी मौके पर दौड़ीं। उन्होंने बिना घबराए डंडे की मदद से जंगले पर प्रहार कर बेटे को करंट की चपेट से अलग किया। उनकी तत्परता से मासूम की जान बच गई।
गंभीर रूप से झुलसे आदित्य को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण उसकी हालत फिलहाल नियंत्रण में है।
पीड़ित की मां पूजा देवी का आरोप है कि विद्यालय परिसर में बिजली की केबल कटने या नंगे तार पड़े होने के कारण करंट लोहे के जंगले तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि स्कूल का मुख्य गेट भी टूटा हुआ है, जिससे बच्चे अक्सर परिसर में खेलने चले जाते हैं। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए, लेकिन यहां नंगे बिजली के तार, टूटा गेट और विद्युत सुरक्षा के अभाव ने पूरे विद्यालय को खतरे का केंद्र बना दिया है। उन्होंने प्रशासन, शिक्षा विभाग और बिजली विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा विद्यालय परिसर से सभी खतरनाक बिजली के तार हटाने की मांग की है।
यह घटना सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि समय रहते विद्यालय परिसर में फैले नंगे तारों और विद्युत खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी मासूम की जान भी जा सकती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों का विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
