फर्रुखाबाद न्यूज़:- बंदरों का बढ़ता आतंक: व्यापारी की तीन मंजिला छत से गिरकर मौत, आखिर कब जागेगा प्रशासन |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद/

जनपद में बंदरों का बढ़ता आतंक अब लोगों की जान लेने लगा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन बने हुए हैं। आए दिन बंदरों के हमलों से लोग घायल हो रहे हैं, फसलें और घरेलू सामान नुकसान का शिकार हो रहे हैं, फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। कादरीगेट थाना क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक घटना ने प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ठंडी सड़क आईटीआई चौराहा निवासी 53 वर्षीय गिट्टी-मौरंग व्यापारी जगदीश चंद्र यादव की बंदर के हमले के कारण तीसरी मंजिल की छत से गिरने से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के अनुसार, घर की पानी की टंकी में लीकेज होने की सूचना मिलने पर जगदीश चंद्र यादव रविवार को तीसरी मंजिल की छत पर उसकी जांच करने गए थे। इसी दौरान अचानक एक बड़ा बंदर उन पर झपट पड़ा। बंदर के हमले से बचने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे छत से नीचे खाली प्लॉट में जा गिरे।

आवाज सुनकर परिजन और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा उन्हें तत्काल घर लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

मृतक जगदीश चंद्र यादव जनपद के प्रतिष्ठित व्यापारियों में गिने जाते थे। गिट्टी-मौरंग के कारोबार के साथ उनका ‘फैशन वर्ल्ड’ नाम से शोरूम भी संचालित होता है। परिवार में पत्नी सर्वेश कुमारी, पुत्र प्रद्युम्न व हिम्मत सिंह तथा पुत्रियां प्रियंका और संध्या हैं।

देर शाम परिजनों ने कादरीगेट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पूर्व सभासद श्यामसुंदर वर्मा भी थाने पहुंचे और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई।

जिले में बढ़ रहा बंदरों का आतंक, लोग दहशत में

फर्रुखाबाद शहर और आसपास के कई मोहल्लों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। छतों पर कपड़े सुखाना, पानी की टंकियों की सफाई करना, बच्चों का घरों की छतों पर खेलना और बुजुर्गों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर बंदर लोगों पर हमला कर चुके हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों को पकड़ने और उन्हें आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे और भी दर्दनाक हादसे हो सकते हैं। अब लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल विशेष अभियान चलाकर बंदरों के आतंक से राहत दिलाने की मांग की है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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