मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से बदली युवा उद्यमी की तकदीर
एटा। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना बेरोजगार युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण जनपद के उद्यमी प्रेमकिशोर हैं, जिन्होंने इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि अन्य 15 लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया।
श्री प्रेमकिशोर को आर ओ वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट संचालन का अनुभव था, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वे अपना उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें जिला ग्रामोद्योग कार्यालय,एटा के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त विशनपुर से लगभग साढ़े सात लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें पूंजीगत ऋण पर 05 वर्षों तक ब्याज अनुदान का लाभ भी प्रदान किया गया। ऋण की सहायता से उन्होंने आधुनिक आरो वाटर प्लांट की स्थापना की आज उनकी इकाई सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और लगभग 15 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रही है।
इस सफलता से प्रेमकिशोर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनते हुए दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना स्वरोजगार, उद्यमिता विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है तथा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
