फर्रुखाबाद/
शहर के सबसे व्यस्त इलाके रेलवे रोड पर नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए लगाए गए निशानों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से नाराज व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया, जिसके बाद देर शाम गोपाल सिंह राठौर के आवास पर एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारियों की मौजूदगी ने इस मुद्दे की गंभीरता को साफ तौर पर दिखा दिया।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा
बैठक में व्यापार मंडल के प्रमुख पदाधिकारी—जिलाध्यक्ष सदानंद शुक्ला, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा, महामंत्री विमलेश मिश्रा और राजू गौतम समेत करीब 50 से अधिक व्यापारी मौजूद रहे।
सभी व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि बिना पूर्व सूचना इस तरह की कार्रवाई उनके व्यापार पर सीधा असर डाल रही है और इससे भारी नुकसान की आशंका है।
रेलवे रोड बनेगा “मॉडल रोड”
व्यापारियों के बीच पहुंचे पूर्व एमएलसी और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज अग्रवाल ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे रोड को जल्द ही “मॉडल रोड” के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस योजना के तहत— आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगेंगी, प्रमुख स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, पेयजल के लिए हैंडपंप लगाए जाएंगे, महादेवी वर्मा मूर्ति स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा |
कार्रवाई से पहले मिलेगा मौका
प्रशासन के रुख को लेकर फैली आशंका के बीच मनोज अग्रवाल ने व्यापारियों को राहत देते हुए कहा— पहले चेतावनी दी जाएगी, फिर चालान की कार्रवाई होगी | इसके बाद भी अतिक्रमण न हटाने पर सामान जब्त किया जाएगा |
क्या है आगे की स्थिति?
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि शहर को व्यवस्थित करने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है और इस पर सख्ती बरती जाएगी। वहीं, व्यापारियों को फिलहाल अपनी दुकानों के बाहर की स्थिति सुधारने का समय मिल गया है, लेकिन असंतोष अभी भी बना हुआ है।
अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन और व्यापारी इस टकराव का समाधान कैसे निकालते हैं—क्या सहमति बनेगी या फिर सड़कों पर संघर्ष देखने को मिलेगा।
