“चमत्कारी बाबा का काला सच: ‘सिद्ध बीज’ से करोड़ों की ठगी, महिलाओं का शोषण, अब SIT के शिकंजे में अशोक खरात”
महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को चमत्कारी बताने वाले अशोक खरात का असली चेहरा अब उजागर हो रहा है। एसआईटी ने उससे करीब 7 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि उसे सहारा देकर जेल की कालकोठरी तक ले जाना पड़ा।
‘चमत्कार’ के नाम पर करोड़ों की ठगी
जांच में खुलासा हुआ है कि खरात साधारण इमली के बीज, जो बाजार में लगभग 100 रुपये किलो मिलते हैं, उन्हें “चमत्कारी सिद्ध बीज” बताकर बेचता था।
- बीज को पॉलिश कर चमकाया जाता
- पूजा-पाठ और नाटक का माहौल बनाया जाता
- दावा किया जाता कि ये “भगवान कृष्ण का आशीर्वाद” है
नतीजा: एक-एक बीज की कीमत 1 लाख रुपये तक वसूली गई।
नकली तंत्र-मंत्र का खेल
खरात ने डर और अंधविश्वास का ऐसा जाल बुना कि लोग फंसते चले गए:
- रिमोट से चलने वाले नकली सांप
- बाघ की खाल और तांत्रिक सजावट
- अचानक “चमत्कार” दिखाकर लोगों को डराना
इसके बाद खुद को “रक्षक” बताकर लाखों रुपये का चढ़ावा ऐंठता था।
महिलाओं के साथ गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं है:
- पहले विश्वास जीतना
- फिर नशीली दवा या हिप्नोसिस का इस्तेमाल
- गुप्त कैमरे से वीडियो बनाना
- बाद में ब्लैकमेल
अब तक 58 अश्लील वीडियो एक पेन ड्राइव से बरामद हुए हैं।
आलीशान जिंदगी, विदेश यात्राएं
- 100 से ज्यादा विदेश यात्राएं
- 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
- अंधविश्वास के नाम पर साम्राज्य खड़ा
पुलिस का कहना है कि वह पीड़ित की आर्थिक स्थिति देखकर ही “रेट” तय करता था।
राजनीतिक कनेक्शन पर सवाल
मामले में रूपाली चाकणकर का नाम भी चर्चा में है।
उन्होंने सफाई दी है कि बाबा के साथ उनकी तस्वीरें पुराने समय की हैं, लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या बाबा ने उन्हें पद दिलाने में भूमिका निभाई थी।
जांच जारी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
- अब तक 6 आधिकारिक शिकायतें दर्ज
- हर दिन नए खुलासे
- SIT जांच तेज
संतों की भूमि में शर्मनाक कांड
यह पूरा मामला उस महाराष्ट्र में सामने आया है, जो संत परंपरा के लिए जाना जाता है—जहां संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम जैसे महान संत हुए।
