सम्पूर्ण समाधान दिवस में अनूठी पहल, शोक-संतृप्त परिवार को दी गई विरासत की खतौनी और पौधा
मैनपुरी (अजय किशोर) तहसील किशनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल देखने को मिली। जिलाधिकारी ने नगला गुल्ल (भाग बड़ौली) निवासी स्वर्गीय श्यामा देवी के शोक-संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया। श्यामा देवी का स्वर्गवास 19 नवम्बर 2025 को हो गया था, जिसके बाद फौती दर्ज होने पर उनके वारिसान मुकेश कुमार, दिनेश चन्द्र और विपिन (पुत्रगण प्रकाश चन्द्र) के नाम लेखपाल द्वारा समय से विरासत दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने स्वयं परिजनों को संवेदना पत्र, खतौनी की नकल और दिवंगत की स्मृति में एक फलदार पौधा भेंट किया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में जिला प्रशासन उनके साथ है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने परिजनों से आग्रह किया कि वे इस फलदार पौधे को उचित स्थान पर रोपित कर उसकी देखरेख करें, जिससे दिवंगत की स्मृति चिर-स्थाई बनी रहे और पर्यावरण का संरक्षण भी हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अविवादित विरासत को समय से दर्ज कराना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में उन्होंने उप जिलाधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र में सभी अविवादित फौती के मामले तेरवीं से पूर्व हर हाल में दर्ज किए जाएं। साथ ही राजस्व विभाग की टीम के माध्यम से शोक-संतृप्त परिवारों तक संवेदना पत्र, खतौनी की नकल और फलदार पौधा अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए और इस कार्य में किसी भी स्तर पर देरी न हो। इस संवेदनशील पहल के दौरान पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा और उप जिलाधिकारी गोपाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
