स्थायी एवं अस्थायी आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा निर्माताओं के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद/

जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में दीपावली एवं आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जनपद में स्थायी एवं अस्थायी रूप से आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा आतिशबाजी निर्माताओं के साथ अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा एवं आतिशबाजी दुकानों के क्लस्टर निर्धारण संबंधी निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आतिशबाजी की दुकानों के संचालन, लाइसेंस की शर्तों, अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्युत सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि दीपावली के दौरान आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण के लिए विस्फोटक नियमावली, 2008 तथा समय-समय पर जारी संशोधित प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी परिस्थिति में निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी न की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

आतिशबाजी दुकानों के क्लस्टर निर्धारण में अग्निशमन संसाधनों को दें प्राथमिकता जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों के क्लस्टर का निर्धारण केवल उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं के आधार पर किया जाए। प्रत्येक क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानों की सीमा का पालन करते हुए प्रत्येक क्लस्टर के लिए कम से कम दो फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनपद में उपलब्ध एवं क्रियाशील फायर टेंडरों की वास्तविक संख्या का आकलन करते हुए ही दुकानों एवं क्लस्टरों की अधिकतम संख्या निर्धारित की जाए।उन्होंने कहा कि क्लस्टरों का निर्धारण करते समय भीड़भाड़ वाले स्थानों, आबादी, गलियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेलवे लाइनों, हाईटेंशन विद्युत लाइनों, बाजारों तथा फैक्ट्रियों आदि से निर्धारित सुरक्षित दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। पूर्व वर्षों की व्यवस्था के आधार पर बिना आवश्यक संसाधनों का आकलन किए दुकानों की अनुमति न दी जाए। यदि उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों की तुलना में दुकानों की संख्या अधिक हो, तो आवश्यकतानुसार दुकानों एवं क्लस्टरों की संख्या सीमित की जाए।

विद्युत सुरक्षा मानकों का अनिवार्य अनुपालन जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आतिशबाजी की दुकानों एवं शेड में खुले तारों, लटकते अथवा असुरक्षित विद्युत तारों तथा अन्य जोखिमपूर्ण विद्युत व्यवस्थाओं का प्रयोग न होने दिया जाए। दुकानों में उचित विद्युत वायरिंग, सुरक्षित स्विच एवं आवश्यक विद्युत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहें। प्रत्येक दुकान एवं क्लस्टर में विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।उन्होंने कहा कि अस्थायी दुकानों के निर्माण के बाद क्लस्टर को संचालित करने से पूर्व विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से निरीक्षण कराकर विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए। बिना आवश्यक प्रमाणपत्र एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों की पूर्ति के विद्युत संयोजन चालू न किया जाए।

दुकानों में किसी भी प्रकार की ऐसी व्यवस्था न हो, जिससे शॉर्ट सर्किट अथवा आग लगने की आशंका उत्पन्न हो।दुकानों के निर्माण एवं संचालन में बरतें विशेष सावधानी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की दुकानें केवल निर्धारित एवं अनुमोदित स्थल पर ही स्थापित की जाएं। दुकानों के निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग न किया जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित निर्माण कराया जाए। दुकानों के बीच आवश्यक दूरी रखी जाए और सामने-सामने दुकानें स्थापित न की जाएं। प्रत्येक क्लस्टर का निर्धारित लेआउट तैयार कर उसी के अनुरूप दुकानों का आवंटन एवं संचालन सुनिश्चित कराया जाए।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि दुकानों के सामने किसी प्रकार का अस्थायी शेड अथवा प्लेटफॉर्म बनाकर आवागमन बाधित न किया जाए। दुकान के अंदर आतिशबाजी अथवा ग्राहकों की अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए। आतिशबाजी के भंडारण एवं बिक्री के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाए तथा दुकान में खुली आतिशबाजी प्रदर्शित करने से बचा जाए।अग्निशमन उपकरण एवं आपातकालीन व्यवस्था रखें तैयार जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक आतिशबाजी विक्रय स्थल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, रेत एवं पानी से भरी बाल्टियां तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। संबंधित विक्रेताओं एवं कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी दुकानों के आसपास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न किया जाए तथा आग से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। सभी दुकानदार आपातकालीन निकास एवं आवागमन के मार्ग खुले रखें, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अग्निशमन वाहन एवं राहत दल मौके पर आसानी से पहुंच सकें।लाइसेंस एवं अनुमति की शर्तों का पालन अनिवार्य जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आतिशबाजी की दुकानों एवं क्लस्टरों के लिए निर्धारित लाइसेंस और अनुमति की शर्तों का सत्यापन किया जाए। लाइसेंस में उल्लिखित स्थल से अलग स्थान पर आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बिना वैध लाइसेंस के आतिशबाजी का कारोबार करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए।उन्होंने कहा कि स्थायी एवं अस्थायी आतिशबाजी विक्रय स्थलों का निरीक्षण केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों, विद्युत व्यवस्था, दुकानों के बीच दूरी, अग्निशमन उपकरणों तथा लाइसेंस की शर्तों की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।प्रतिबंधित आतिशबाजी एवं ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण जिलाधिकारी ने आतिशबाजी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि प्रतिबंधित आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण एवं बिक्री न की जाए। केवल अधिकृत एवं वैध आतिशबाजी की ही बिक्री की जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए तथा निर्धारित ध्वनि एवं समय संबंधी प्रतिबंधों का पालन कराया जाए।उन्होंने कहा कि बच्चों को आतिशबाजी का विक्रय करते समय विशेष सावधानी बरती जाए तथा आतिशबाजी का प्रयोग वयस्कों की निगरानी में ही किया जाए। आतिशबाजी जलाने के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।संयुक्त निरीक्षण एवं निगरानी के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्लस्टर निर्धारण एवं दुकानों को अनुमति देने से पूर्व अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध फायर टेंडरों, अग्निशमन उपकरणों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का आकलन करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली के अवसर पर जनपद में जनसामान्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के प्रति नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।जिलाधिकारी ने सभी आतिशबाजी विक्रेताओं एवं निर्माताओं से अपील की कि वे निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करें और प्रशासन को सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त दीपावली सुनिश्चित कराने में सहयोग प्रदान करें।बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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