फर्रुखाबाद/
कस्बे में छुट्टा गोवंश का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते गलियों और आबादी क्षेत्रों में घूम रहे गोवंश आए दिन लोगों के लिए गंभीर मुसीबत बनते जा रहे हैं। शुक्रवार को बस अड्डे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब दो सांड आपस में भिड़ गए और एक दुकान में जा घुसे।
दुकान में घुसकर मचाया उत्पात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को बस अड्डे के पास दो सांड अचानक आपस में भिड़ गए और जमकर तांडव मचाया। लड़ते-लड़ते दोनों सांड स्थानीय निवासी धर्मपाल राठौर की दुकान में जा घुसे। घटना के समय धर्मपाल राठौर दुकान के अंदर बैठकर सिलाई का काम कर रहे थे।
सांडों के आक्रामक रूप और अचानक हुए हमले को देखकर दुकानदार के होश उड़ गए। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान सांडों ने दुकान के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और वहां रखी तीन सिलाई मशीनें तोड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दीं, जिससे गरीब दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। बाद में स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों सांडों को दुकान से बाहर निकाला गया।
स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश
कस्बे में छुट्टा गोवंश की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। गलियों और बाजारों में बेखौफ घूम रहे इन मवेशियों के कारण राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नागरिकों का सवाल है कि आखिर छुट्टा गोवंश को पकड़कर सुरक्षित गोशालाओं में भेजने की जिम्मेदारी प्रशासन कब निभाएगा? आए दिन हो रही इन घटनाओं और लोगों को उठानी पड़ रही क्षति के बाद आखिर सोए हुए प्रशासन की नींद कब टूटेगी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

