हिंदी के सम्मान में सजा साहित्य का मंच, 17 साहित्यकारों को मिला सम्मान
सांसद विकास निधि से 44 इंटर कॉलेजों को बांटी गईं पुस्तकें, साहित्यकारों और शिक्षिकाओं का भी हुआ सम्मान
फर्रुखाबाद/ फतेहगढ़।
हिंदी पखवाड़े के अवसर पर राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और साहित्य के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से सोमवार को पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ के सभागार में भव्य सम्मान एवं पुस्तक वितरण समारोह आयोजित किया गया। सांसद विकास निधि योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में जिले के 17 साहित्यकारों को प्रशस्ति-पत्र, सम्मान-पत्र, पुस्तकें एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया, वहीं चयनित 44 इंटर कॉलेजों को पुस्तकों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत रहे। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, परियोजना निदेशक कपिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सहित जनप्रतिनिधि फतेहचंद वर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोदी और भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत की गरिमामयी मौजूदगी रही।
विद्यालय की प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम संयोजक दीपिका राजपूत ने अतिथियों का पुस्तकों एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। विद्यालय की छात्राओं दुर्गा, राधा, सोनम, वैष्णवी, भूमि, उजाला, सोना शाक्य, शालू और अदीबा ने सामूहिक स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद पद्मश्री महादेवी वर्मा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
साहित्यकार बोले—सकारात्मक सोच से चुनौतियों का सामना जरूरी
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिवओम अंबर ने कहा कि देश के सामने समस्याएं आती रहेंगी, लेकिन उनका सामना सकारात्मक सोच के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसद मुकेश राजपूत की सकारात्मक सोच और जनहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि किताब किस तरह पढ़ी जाती है और उससे क्या सीखा जाता है, यह व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है। साहित्यकारों ने अपनी सोच और अनुभव पुस्तकों में दर्ज किए हैं, जिनसे समाज को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचाने के प्रयास को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सांसद का आभार जताया।
सांसद ने किया बड़ा ऐलान, अगले साल और व्यापक होगा अभियान
मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगले वित्तीय वर्ष में इससे भी व्यापक स्तर पर साहित्यकार सम्मान एवं पुस्तक वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो शैक्षणिक संस्थान इस बार पुस्तक वितरण अभियान से छूट गए हैं, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में पुस्तकों का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
17 साहित्यकारों को मिला सम्मान
हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए शिव ओम अंबर, सुरेंद्र सिंह सोमवंशी, पवन बाथम, बृजकिशोर सिंह, रामावतार शर्मा इंदु, महेश पाल सिंह उपकारी, नलिन श्रीवास्तव, डॉ. गरिमा पांडेय, प्रीति पवन तिवारी, भूपेंद्र प्रताप सिंह, भारती मिश्रा, सुरेंद्र पांडेय, उपकार मणि, वैभव सोमवंशी, उत्कर्ष अग्निहोत्री, स्मृति अग्निहोत्री और विशाल श्रीवास्तव को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं सांसद मुकेश राजपूत ने सम्मानित किया।
उत्कृष्ट सेवा के लिए कर्मचारियों का भी सम्मान
समारोह में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सेवानिवृत्त लेखाकार वीरेंद्र कुमार सिंह, कंप्यूटर प्रोग्रामर देवेश सक्सेना, डाटा एंट्री ऑपरेटर पूजा भदोरिया, राजकीय जिला पुस्तकालयाध्यक्ष रविंद्र प्रताप सक्सेना, राजकीय इंटर कॉलेज की उप प्रधानाचार्य आदेश गंगवार तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत भारद्वाज को उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सांसद द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
16 शिक्षिकाओं को शिक्षक सम्मान-पत्र
शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में योगदान के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत सहित शिक्षिकाओं रिचा तिवारी, अर्चना गुप्ता, आरती यादव, गुलशन जहां, सरिता त्रिवेदी, दीप्ति सिंह, नीलम कश्यप, निर्मला सिंह, शैलजा मौर्य, रीता, अल्पना द्विवेदी, गरिमा पांडे, मिनाक्षी भास्कर, गीता देवी, ज्योति मोनी चौहान को सांसद द्वारा शिक्षक सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और जन-जन में हिंदी भाषा, साहित्य तथा पठन-पाठन के प्रति रुचि बढ़ाना और हिंदी के प्रचार-प्रसार को गति देना रहा। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि एवं शिक्षक वैभव सोमवंशी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अभिव्यंजना के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह का विशेष योगदान रहा।
समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, साहित्यकारों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

