फर्रुखाबाद।
यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और यूपीआई शुल्क के फैसले के विरोध में अपना आक्रोश जताया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सांसद आवास पर मौजूद नहीं थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने के समय आवास बंद था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सांसद मुकेश राजपूत ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यूपीआई शुल्क के नाम पर आम जनता और छोटे कारोबारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जिस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचे, उस समय वह संगठनात्मक कार्यक्रम के सिलसिले में कायमगंज में मौजूद थे।
P2P भुगतान को लेकर सांसद ने दी सफाई
मुकेश राजपूत ने कहा कि यूपीआई व्यवस्था को लेकर सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रस्तावित शुल्क हर प्रकार के लेनदेन पर लागू नहीं है। मौजूदा जानकारी के अनुसार व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान पर कोई शुल्क नहीं है। वहीं पात्र छोटे व्यापारियों को भी प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था से बाहर रखा गया है। राष्ट्रीय स्तर पर घोषित व्यवस्था में ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान है।
सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीआई के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय जनता को पूरे तथ्य बताए जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आम लोगों को मुद्दे की पूरी जानकारी दिए बिना भ्रमित करने का आरोप लगाया।
2024 के चुनाव का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
सांसद ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विपक्ष की ओर से संविधान और आरक्षण को लेकर कई तरह के दावे किए गए थे। मुकेश राजपूत ने कहा कि भ्रष्टाचार और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने पूर्व कार्यकाल में सामने आए कोयला और राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटालों के आरोपों को भी याद करना चाहिए।
‘अब बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई’
मुकेश राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का हवाला दिया, जिसमें केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से नीचे तक केवल 15 पैसे पहुंचने की बात कही गई थी।
सांसद ने दावा किया कि आज डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाओं से बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक समाप्त हुई है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से 100 रुपये भेजे जाने पर लाभार्थी के खाते में सीधे 100 रुपये पहुंचते हैं।
प्रदर्शन से बढ़ी जिले की सियासी हलचल
यूपीआई शुल्क के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन और उसके बाद सांसद की प्रतिक्रिया से फर्रुखाबाद की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर कांग्रेस शुल्क व्यवस्था को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रही है, वहीं सांसद मुकेश राजपूत इसे लेकर विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में यूपीआई शुल्क का मुद्दा अब डिजिटल भुगतान से आगे बढ़कर जिले की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है।

