फर्रुखाबाद |
पत्नी के घर न आने से मना कर दिए जाने के गम में युवक दिलीप शाक्य ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। थाना मऊदरवाजा के ग्राम नेकपुर निवासी स्वर्गीय रामसेवक के 28 वर्षीय पुत्र दिलीप बीती रात करीब 9 बजे गांव से चला गया। उसने रात में कायमगंज की ओर से आने वाली ट्रेन के सामने खड़े होकर आत्महत्या कर ली। दिलीप का शव आज सुबह गांव के सामने रेलवे ट्रैक के बीच पड़ा देखा गया। दिलीप घटनास्थल से करीब 30-40 मीटर पूरब की ओर ट्रेन से घसिटता चला गया, जिसके कारण ट्रैक पर खून के निशान देखे गए। उसका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।सूचना मिलने पर मऊदरवाजा थाना अध्यक्ष अजब सिंह ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया।दिलीप राजस्थान के गंगानगर में काम करता था। वह करीब दो महीने पहले गांव आया था। घर न होने के कारण परिजनों के यहां रहता था। दिलीप के पिता रामसेवक ने अपना मकान और खेती बेच दी थी। दिलीप की मां और छोटा भाई गंगानगर में रहते हैं, जो घटना की जानकारी के बावजूद दाह संस्कार के समय पांचाल घाट नहीं पहुंचे। परिवार के युवक ने दिलीप की चिता को आग लगाई।बताया गया कि दिलीप का बिहार की युवती से विवाह हुआ था। उसकी एक बच्ची है। करीब दो वर्ष पूर्व पत्नी मायके चली गई। दिलीप ने पत्नी को बुलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पत्नी ने दिलीप के साथ रहने से साफ मना कर दिया। इसी गम में दिलीप टेंशन में रहता था।

