फर्रुखाबाद।
बाढ़ और जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर में रविवार सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. गौरव वर्मा के नेतृत्व में मेडिकल टीम लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों को उपचार और दवाएं उपलब्ध करा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने माखन नगला, किराचन, सुभानपुर, फखरपुर, बनारसीपुर, आसमपुर मंझा, मंझा स्कूल वाला, बलीपट्टी रानीगांव, करनपुरघाट, रतनपुर रमहुआ और परतापुर सहित करीब 20 बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाए। इन शिविरों में ग्रामीणों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं और बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया।
वहीं, जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए फखरपुर, करनपुरघाट, दोनों मंझा गांव, अमृतपुर, किराचन सहित करीब आठ गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मच्छरों के लार्वा को नष्ट कर मलेरिया, डेंगू सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों के फैलाव को रोकना है।
खुजली, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मरीज बढ़े
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. गौरव वर्मा ने बताया कि इस समय स्वास्थ्य केंद्र पर सबसे अधिक मरीज खुजली, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बाढ़ के कारण जगह-जगह जलभराव और गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि घरों के आसपास पानी का जलभराव न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि बुखार होने पर घर पर स्वयं इलाज न करें, बल्कि तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने ताजा भोजन करने और रखा हुआ भोजन न खाने की सलाह दी। बदलते मौसम और बाढ़ के बाद वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा है, इसलिए ग्रामीण सावधानी बरतें।
डॉ. गौरव वर्मा के अनुसार शनिवार को स्वास्थ्य केंद्र पर 218 मरीजों को दवाएं दी गईं, जबकि रविवार को भी सुबह से 100 से अधिक मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंच चुके थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मरीजों की संख्या 250 के आसपास पहुंचने की संभावना है।
कई गंभीर बीमारियों की हो रही जांच
एलटी पवन कुमार द्वारा स्वास्थ्य केंद्र पर मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, हेपेटाइटिस, कफ, शुगर, हीमोग्लोबिन और एचआईवी सहित विभिन्न जांचें की जा रही हैं। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में बीमारी की समय रहते पहचान और उपचार में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य टीम में श्यामू कुशवाह, मोहित, अखिल, राजन, एलटी पवन कुमार और फार्मासिस्ट अरविंद कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
बाढ़ के पानी के बीच स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से ग्रामीणों को राहत मिल रही है। हालांकि जलभराव और गंदगी के चलते संक्रमण का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए जा रहे मेडिकल कैंप और एंटी लार्वा छिड़काव को बीमारियों की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

