मानपुर एसटीपी का डीएम ने किया निरीक्षण, 18 एमएलडी सीवेज का हो रहा शोधन
एटा । जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बुधवार को ग्राम मानपुर स्थित नगर पालिका परिषद एटा द्वारा संचालित 24 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, सीवेज शोधन की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं और शोधित जल की गुणवत्ता का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि एसबीआर (Sequencing Batch Reactor) तकनीक पर आधारित इस प्लांट में वर्तमान में सीवर गृह संयोजनों और नाला टैपिंग के माध्यम से प्राप्त करीब 18 एमएलडी यानी 180 लाख लीटर सीवेज प्रतिदिन का शोधन किया जा रहा है। शोधन के बाद शोधित जल को नाले के माध्यम से ईशन नदी में प्रवाहित किया जाता है।
डीएम ने प्लांट की प्रयोगशाला में शोधित जल की गुणवत्ता से संबंधित जांच एवं निर्धारित मानकों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोधन प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग के साथ प्रयोगशाला जांच भी प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए।
तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित क्षमता के अनुरूप पूरी दक्षता और निरंतरता से संचालित होनी चाहिए। प्लांट की सभी तकनीकी इकाइयों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी कमी या व्यवधान न आए। समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए।
स्लज से जैविक खाद बनाने को लेकर किसानों को जागरूक करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने शोधन प्रक्रिया के बाद निकलने वाले अपशिष्ट (स्लज) के उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों के अनुरूप स्लज का जैविक खाद के रूप में उपयोग किए जाने की जानकारी किसानों को दी जाए। इसके लिए डीपीआरओ, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि अमृत कार्यक्रम के तहत एटा शहर की सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन चरणों में योजनाएं संचालित की गई हैं। परियोजना के सभी कार्य पूर्ण होने के बाद एसटीपी को नगर पालिका परिषद एटा को हस्तांतरित किया जा चुका है। वर्तमान में प्लांट के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के पास है।
डीएम ने कहा कि सीवरेज जैसी आधारभूत परियोजनाएं स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए इनका प्रभावी संचालन धरातल पर दिखाई देना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता सैयद तारिक अली सहित जल निगम के अधिकारी एवं संबंधित स्टाफ मौजूद रहा।

