बाढ़ के बीच ट्रैक्टर पर सवार होकर गांव पहुंचीं डीएम, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कार्रवाई के निर्देश |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
4 Min Read

अमृतपुर/फर्रुखाबाद।

Ad image

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र के भुड़िया भेड़ा, अल्हादादपुर भटौली, चिड़िया महुलिया, फकरपुर और करनपुरघाट गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। बाढ़ के पानी के बीच जिलाधिकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रभावित गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

करनपुरघाट पहुंचकर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बाढ़ के पानी से आवागमन, जलभराव, राहत सामग्री और अन्य समस्याओं की जानकारी ली। जटपुरा, नगला रोशन और सुभानपुर के ग्रामीणों ने राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीण रामदास ने बताया कि कटान के कारण उनका घर प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को संबंधित गांवों में जरूरतमंद परिवारों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने करनपुरघाट में विद्यालय न होने की समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी। बताया कि करीब 400 बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है और बाढ़ के दौरान रास्तों में पानी भरने से बच्चों की परेशानी बढ़ जाती है। ग्राम प्रधान अतर सिंह ने करनपुरघाट के मजरे में विद्यालय निर्माण की मांग की। जिलाधिकारी ने बच्चों की संख्या, वर्तमान विद्यालय की दूरी और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गंगा नदी के कटान की समस्या भी बताई। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके पर कटान की स्थिति का निरीक्षण कर तत्काल बचाव एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी कटान और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को प्रभावित गांवों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराने, स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने को कहा। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज शर्मा को प्रभावित गांवों में पशुओं का पुनः शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।

फसल नुकसान का सर्वे कराकर बीमा का लाभ दिलाने पर जोर

बाढ़ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड धारक उन किसानों का चिन्हांकन कराने को कहा, जिनकी फसल बाढ़ के पानी से नष्ट हुई है, ताकि पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केवल जलस्तर की निगरानी तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीणों के घर, खेत, पशु, स्वास्थ्य, आवागमन, राहत सामग्री और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं पर भी लगातार नजर रखें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने, नावों का संचालन सुचारु रखने, राहत सामग्री समय से पहुंचाने तथा स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। बाढ़ के बीच जिलाधिकारी का ट्रैक्टर से प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के बीच उनकी समस्याएं सुनना प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *