रिपोर्ट संजीव सक्सेना |
फर्रुखाबाद |
विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय रामानंद बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को डायरिया के कारणों, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन भी किया गया।यह कार्यक्रम पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के,सहयोग से “डायरिया से डर नहीं”अभियान के तहत आयोजित किया गया।गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.सर्वेश यादव ने कहा कि डायरिया से घबराने की जरूरत नहीं,बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि यदि किसी बच्चे को दिन में दो से तीन बार पतले दस्त हो तो उसे तुरंत ओआरएस का घोल और जिंक की दवा देनी चाहिए क्योंकि यही इसका सबसे प्रभावी उपचार है। उन्होंने कहा कि “डायरिया से डर नहीं”अभियान का उद्देश्य शून्य से पांच बर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को समाप्त करना और दस्त प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने बताया ओआरएस
और जिंक की गोलियां जिले के सभी स्वास्थ्य इकाइयों में और आशा कार्यकर्ता के पास निःशुल्क उपलब्ध है।गोष्ठी में पीएसआई इंडिया के अमरीश पांडेय ने जिले में संचालित स्टाप डायरिया अभियान के तहत की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया प्रचार वाहन वाहनों के माध्यम से जागरूकता फैलाने के साथ साथ स्कूल में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।नगर पालिका की कूड़ा संग्रहण गाड़ियों के जरिए भी लोगों तक डायरिया से बचाव के संदेश पहुंचाए जा रहें हैं। इस अवसर जिला कार्यक्रम प्रबंधक
कंचन बाला,डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह,शहरी समन्वयक राजीव पाठक,डा.विवेक सक्सेना,डा.शोभा सक्सेना, रामानंद बालिका इण्टर की प्रधानाचार्या रीता दुबे,अध्यापिका फरहाना,पीएसआई इंडिया के
अनुपम मिश्र तथा अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। रैली के दौरान छात्राओं ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर लोगों को स्वच्छता अपनाने साफ पानी पीने और समय पर उपचार कराने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही डायरिया जैसी बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
