फर्रुखाबाद |
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में विभागवार निम्न निर्देश दिए गए—
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी महोदय ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
