अमृतपुर/फर्रुखाबाद
अमृतपुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाले हत्या के मामले का पुलिस ने सफल खुलासा किया है। करीब 9 माह पूर्व लापता हुए युवक का कंकाल बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दोस्ती में विश्वासघात, शराब पिलाकर की हत्या
थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुजरपुर पमारान निवासी ओमवीर (26) पुत्र पेशकार राठौर 20 जुलाई 2025 की शाम घर से पत्नी से खाना निकालने को कहकर निकले थे। परिजनों के अनुसार, गांव का ही रामू यादव (25) पुत्र अजय पाल उन्हें अपने साथ बुलाकर ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे।
मामले में पहले मृतक की मां राजेश्वरी ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि बाद में पत्नी धर्मशीला ने 31 अगस्त 2025 को नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
थाना अमृतपुर इंचार्ज रक्षा सिंह द्वारा मंगलवार और बुधवार की रात को थाना अमृतपुर क्षेत्र से आरोपी रामू को अरेस्ट किया गया। जब थाना इंचार्ज के द्वारा आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। और उसने मौत की पूरी कहानी तोते की तरह रट दी।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रामू यादव ने बताया कि ओमवीर उसका दोस्त था, लेकिन एक घटना के बाद उसने बदला लेने की ठान ली। आरोपी के अनुसार, ओमवीर ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की थी, जिससे वह आक्रोशित था। इसी रंजिश में उसने अपने साथी सुरजीत यादव के साथ मिलकर ओमवीर को खेत पर शराब पीने के बहाने बुलाया और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया।
मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई, कंकाल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के पास स्थित मक्के के खेत में मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई कराई गई, जहां से ओमवीर का कंकाल बरामद हुआ। मौके से तौलिया, चप्पल और कपड़े भी बरामद किए गए।
फॉरेंसिक टीम के सदस्यों रविकांत, सचिन और यशनन्दन ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।
9 महीने तक भटकती रही पत्नी, पुलिस पर उठे सवाल
मृतक की पत्नी धर्मशीला ने अपने पति की तलाश में पिछले 9 महीनों तक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाए। पीड़िता द्वारा अब तक 108 प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात सामने आई है।
परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती दौर में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व प्रधान व अन्य पर भी आरोप
पीड़ित परिवार ने सपा नेता व पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव पर भी हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों में देवेंद्र यादव पुत्र जाहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजय पाल, श्यामवीर पुत्र कन्हैया लाल तथा बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलखान शामिल हैं।
वहीं, मृतक की पत्नी ने तत्कालीन थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य पर 5 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर मोनू शाक्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एसओजी, सर्विलांस और ड्रोन के माध्यम से जांच कराई गई थी तथा उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दी गई थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित हुईं टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया था। डीसीआरबी के माध्यम से आसपास के जनपदों में तलाश की गई और मीडिया के जरिए भी प्रचार-प्रसार किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना स्वीकार कर ली।
भारी पुलिस बल तैनात, कानून-व्यवस्था रही कड़ी
घटनास्थल पर कंकाल बरामदगी के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। संवेदनशीलता को देखते हुए थाना अमृतपुर, फतेहगढ़, राजेपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रक्षा सिंह के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक संत कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
परिवार में शोक, न्याय की उम्मीद
मृतक ओमवीर की शादी तीन वर्ष पूर्व धर्मशीला से हुई थी। वह साइकिल रिपेयरिंग का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में दो भाई राजवीर व राहुल तथा तीन बहनें हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है।
घटना के खुलासे के बाद जहां परिजनों में शोक और आक्रोश है, वहीं आरोपी की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय की उम्मीद भी जगी है।
पुलिस का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
थाना अमृतपुर पुलिस के द्वारा मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की माता राजेश्वरी,पत्नी धर्मशिला सहित पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।
