गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को मजबूत बनाने के निर्देश

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*अभियोजन कार्यों की समीक्षा में प्रभावी पैरवी एवं दोषसिद्धि बढ़ाने पर विशेष जोर।*

*गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को मजबूत बनाने के निर्देश*

*ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोरों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए : जिलाधिकारी*

एटा । जिलाधिकारी अरविन्द सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों एवं नारकोटिक्स संबंधी मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायालयों में लंबित वादों, दोषसिद्धि एवं दोषमुक्ति के मामलों, अभियोजन की प्रगति तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में दोषसिद्धि अथवा दोषमुक्ति हुई है, उनकी पत्रावलियों का गहन अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए महत्वपूर्ण तर्कों, न्यायालय की टिप्पणियों तथा निर्णय के आधार बने प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण किया जाए, ताकि भविष्य में अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।

नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में विवेचना से लेकर न्यायालय में पैरवी तक सभी स्तरों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग तथा ड्रग इंस्पेक्टर आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा बिना लाइसेंस संचालित अथवा अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि विचाराधीन गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों का संकलन और प्रस्तुतीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में फोरेंसिक रिपोर्ट, वैज्ञानिक परीक्षण एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों को समयबद्ध रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला और अधिक मजबूत हो सके तथा कोई भी अपराधी विधिक कमियों का लाभ उठाकर दंड से बच न सके।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा अभियोजन और विवेचना से जुड़े अधिकारी प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करें। शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं अधिकतम दोषसिद्धि प्राप्त करना सभी संबंधित की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल,अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह,अभियोजन अधिकारी द्विजेंद्र सिंह, डी जी सी रेशपाल सिंह,आबकारी अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, जिला शासकीय अधिवक्ता, अभियोजन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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