अरिंद नदी के तटबंधों की मरम्मत एवं सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : जिलाधिकारी
एटा । जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में सिंचाई विभाग एवं आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में प्रवेश करने वाली अरिंद नदी के तटबंधों की मरम्मत, सफाई एवं सुरक्षा संबंधी समस्त कार्य तत्काल प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएं, जिससे विगत वर्ष जैसी जलप्लावन एवं बाढ़ की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2025 में अलीगढ़ जनपद से एटा में प्रवेश करने वाली अरिंद नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त होने एवं सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में कोई तैयारी न किए जाने के कारण विकासखंड निधौली कला के लगभग 20 से 25 गांवों में जलप्लावन एवं बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी। इससे नगला फकीर, सिंदरी, रामनगर, नादर, पृथ्वीपुर, गुड़ा,लहरा,ततारपुर दोयम सहित अनेक गांव प्रभावित हुए थे। कृषि भूमि में पानी भर जाने से किसानों की फसलें नष्ट हुई थीं तथा विद्यालय परिसरों में जलभराव होने से शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं।
बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी यदि सिंचाई विभाग द्वारा आवश्यक मरम्मत, तटबंध सुदृढ़ीकरण एवं सफाई कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी गई है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में भी यह तथ्य सामने आया है कि कई स्थानों पर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य अभी तक नहीं कराए गए हैं। आगामी बरसात के दौरान अधिक वर्षा अथवा ऊपरी क्षेत्रों से अतिरिक्त जल छोड़े जाने की स्थिति में पुनः गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थलों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्य प्रारंभ कराए जाएं तथा प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि लापरवाही के कारण पुनः जलप्लावन, बाढ़ अथवा जन-धन एवं फसलों की क्षति होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 का उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं की रोकथाम, प्रभावी प्रबंधन तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करना है। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर जनपदवासियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/प्रभारी आपदा रमेश मौर्य, अपर उप जिलाधिकारी अनवर राशिद फारूकी, उप जिलाधिकारी विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई, तुषारकांति राजन सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
