गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश, पांच बनेंगे मॉडल
**जिलाधिकारी ने गोवंश के संरक्षण, चारा-पानी, साफ-सफाई और सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने पर दिया जोर**
एटा । जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने जिले के सभी गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पांच चिन्हित गौ आश्रय स्थलों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों और बाजारों में घूम रहे निराश्रित गोवंश को अभियान चलाकर नजदीकी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित किया जाए। चारागाह की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर गौ आश्रय स्थलों से संबद्ध करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को गौ आश्रय स्थलों में पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने तथा सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी के लिए एक वर्ष का रिचार्ज कराने के निर्देश दिए। कैमरों के निर्बाध संचालन के लिए इनवर्टर सहित पावर बैकअप की व्यवस्था करने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारियों द्वारा बताई गई कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी गौ आश्रय स्थलों में वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण, परिसर का समतलीकरण, खड़ंजा निर्माण और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नर, मादा और कमजोर गोवंश को अलग-अलग रखा जाए, ताकि उनकी देखभाल और खानपान की व्यवस्था बेहतर हो सके। सभी गोवंश की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग कराने के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और चारा-पानी का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने खंड विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियमित रूप से गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी सुधार कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। इसके बाद दोबारा बैठक कर कार्यों की प्रगति और अधिकारियों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी शर्मा, उप निदेशक कृषि सुमित कुमार सहित समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
