फर्रुखाबाद।
गंगा नहाने के बहाने घर से बुलाकर युवक को गहरे पानी में डुबोकर हत्या करने और शव गायब करने के मामले में न्याय न मिलने से आहत एक पीड़ित माँ का दर्द छलक उठा। शुक्रवार को न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुँची पीड़ित माँ ने जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को एक शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके पुत्र की मौत के आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई कर उन्हें न्याय नहीं दिया गया, तो वह कलेक्ट्रेट परिसर में ही आत्मदाह (आत्महत्या) कर लेंगी।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित माँ सीता कटिहार द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, यह घटना वर्ष 2025 में बुद्ध पूर्णिमा के दिन की है। आरोपियों ने उनके बेटे को गंगा नहाने के बहाने घर से बुलाया था। इसके बाद वे उसे दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने गंगा नदी में ले गए, जहाँ उसे गहरे पानी में ले जाकर कथित तौर पर डुबो दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को गायब कर दिया और घर आकर बेटे के डूबने की सूचना दी।
कार्रवाई न होने से आक्रोशित है परिवार
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस और प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। न्याय के लिए भटक रही लाचार माँ ने आखिरकार कलेक्ट्रेट का रुख किया और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई|
पीड़ित माँ का बयान:
मेरे बेटे की साज़िश के तहत हत्या कर उसका शव गायब कर दिया गया। आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अगर मुझे और मेरे मृत बेटे को न्याय नहीं मिला, तो मेरे पास कलेक्ट्रेट में आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। अब देखना यह होगा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन क्या रुख अपनाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

