करोड़ों की जमीन के लिए सरकारी शिक्षक ने रची थी हत्या की साजिश, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

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करोड़ों की जमीन के लिए सरकारी शिक्षक ने रची थी हत्या की साजिश, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

मैनपुरी (अजय किशोर) थाना कुरावली क्षेत्र के अंतर्गत फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर बीते दिनों मिले एक संदिग्ध शव के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह मामला कोई साधारण सड़क हादसा नहीं, बल्कि करोड़ों की कीमती जमीन हड़पने के लिए रची गई एक खौफनाक हत्या की साजिश थी। पुलिस ने इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) एक सरकारी शिक्षक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 20 मई 2026 को कुरावली के मोहल्ला कौआटोला निवासी वारिश अली पुत्र अब्दुल्ली का शव फतेहजंगपुर अंडरपास के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतक की पुत्री स्वालिहा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित चार पुलिस टीमों ने जब सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की गहन विवेचना की, तो परतें खुलती चली गईं।

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना का मुख्य सूत्रधार अरुण कुमार पुत्र प्रमोद कुमार, जो कि पेशे से एक सरकारी अध्यापक है, उसके मृतक वारिश अली से अच्छे संबंध थे। वारिश अली के पास ऑन रोड करोड़ों रुपये की कीमती जमीन थी, जिस पर अरुण कुमार की नीयत खराब हो गई। अरुण कुमार ने वारिश अली से 60 बाई 30 का एक प्लॉट 35 लाख रुपये में तय किया था। सरकारी अध्यापक होने के कारण उसने चालाकी दिखाते हुए वारिश अली की करीब 9 करोड़ रुपये मूल्य की 12.5 बीघा ऑन रोड जमीन का बैनामा अपने ड्राइवर अभिषेक पुत्र सुधीर के नाम करवा दिया व रविन्द्र सोलंकी के खाते से 35 लाख रुपये वारिश अली के खाते में ट्रांसफर भी किये गए।

बैनामा होने के बाद मास्टरमाइंड अरुण कुमार को डर सताने लगा कि वारिश अली समाज में उसकी पोल खोल देगा। इस राज को हमेशा के लिए दफन करने के उद्देश्य से उसने अपने साथियों रविन्द्र और ऋषिबाबू के साथ मिलकर वारिश अली की हत्या की पूरी योजना बनाई। 19 मई 2026 को मौका मिलते ही आरोपियों ने वारिश अली की निर्मम हत्या कर दी। अपराध को छुपाने और इसे दुर्घटना का रूप देने के लिए उन्होंने शव को फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर फेंक दिया। खुद को बचाने के लिए मास्टरमाइंड अरुण कुमार ने चालाकी से अपने साथियों के मोबाइल बंद करवा दिए और खुद का मोबाइल ऑन रखकर अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी कैमरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ताकि वह बेकसूर साबित हो सके।

थाना कुरावली पुलिस, सर्विलांस और स्वाट टीम के संयुक्त प्रयासों से तीनों अभियुक्तों अरुण कुमार पुत्र प्रमोद कुमार, रविन्द्र सोलंकी पुत्र भीष्मपाल सिंह और ऋषिबाबू पुत्र शीतल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई एक बलेनो कार, एक तकिया, एक लोहे की सरिया और मृतक वारिश अली का आधार कार्ड बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अरुण कुमार और रविन्द्र सोलंकी का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

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