यादवों के लिए रामपथ और राजपूतों के लिए कृष्णपथ की अपील,आध्यात्मिक व्यवस्था पर डाक्टर सुनील कुमार ने उठाए सवाल
समाज का हर वर्ग कलियुग में अपनी अपनी आध्यात्मिक व्यवस्था के अनुसार चले तो सामाजिक घर्षण रोका जा सके – डाक्टर सुनील कुमार
(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी :- एक आध्यात्मिक वक्तव्य जारी करते हुए वक्ता ने वर्तमान समय को “आदित्य युग” बताते हुए दावा किया कि कल्कि भगवान की आध्यात्मिक चेतना सक्रिय है और मानव चेतना के जागरण का कार्य चल रहा है | वक्तव्य में कहा गया कि सनातन समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग आध्यात्मिक मार्ग निर्धारित हैं तथा यादव एवं अन्य चंद्रवंशी क्षत्रियों के लिए “रामपथ” और सूर्यवंशी क्षत्रियों (राजपूतों) के लिए “कृष्णपथ” का अनुसरण करने की बात कही गई | वक्तव्य में आरोप लगाया गया कि वर्तमान धार्मिक व्यवस्था में मूल आध्यात्मिक सिद्धांतों से विचलन हुआ है और कुछ धार्मिक परंपराओं एवं व्यवस्थाओं की आलोचना भी की गई | साथ ही गुरु परंपरा, कृपाचार्य,द्रोणाचार्य तथा विभिन्न धार्मिक मान्यताओं को लेकर अपने विचार व्यक्त किए गए | जारी वक्तव्य में दावा किया गया कि वर्तमान समय में त्रेता और द्वापर युग की व्यवस्थाओं को उलटकर प्रस्तुत किया जा रहा है जिससे सामाजिक असंतुलन उत्पन्न होने की आशंका है | इसके समर्थन में श्रीकृष्ण और भगवान राम से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों एवं ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख किया गया |
वक्तव्य के अंत में आमजन से कई धार्मिक अपीलें भी की गईं जिनमें तुलसी के सेवन,वृंदावन यात्रा,वैजयंती माला के प्रयोग, भगवान शिव को विषैली वस्तुएं अर्पित न करने तथा ब्रह्मा,सरस्वती संबंधी मान्यताओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए ||
