कायमगंज/फर्रुखाबाद |
चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर गुटखा थूकने की एक छोटी-सी लापरवाही 56 वर्षीय अधेड़ की जान पर भारी पड़ गई। कासगंज-अनवरगंज एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री का संतुलन बिगड़ते ही वह ट्रेन से नीचे जा गिरा। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। संयोग अच्छा रहा कि रेलवे ट्रैक पर मरम्मत कार्य चलने के कारण ट्रेन की गति काफी धीमी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया और अधेड़ की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुरान निवासी गजेंद्र सिंह (56) अपनी पत्नी सुमन और नाती परवन सिंह के साथ हरिद्वार से घर लौट रहे थे। सोमवार दोपहर करीब 12:55 बजे वे ट्रेन संख्या 15038 कासगंज-अनवरगंज एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन कायमगंज रेलवे स्टेशन पहुंचने से कुछ पहले थी। इसी दौरान गजेंद्र सिंह गुटखा थूकने के लिए ट्रेन के गेट पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने बाहर झुककर थूकने का प्रयास किया, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे रेलवे ट्रैक पर गिर पड़े।
हादसा होते ही डिब्बे में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए ट्रेन रुकवाई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज ले जाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान पाया कि गजेंद्र सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया गया। वहां 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने उन्हें भर्ती कराया, जिसके बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उपचार शुरू किया।
डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार, घायल के सिर में चोट आई है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
यह घटना एक बार फिर रेल यात्रियों के लिए बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है। चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर बाहर झुकना, गुटखा या पान थूकना अथवा दरवाजे पर बैठकर यात्रा करना जानलेवा साबित हो सकता है। रेलवे प्रशासन भी लगातार यात्रियों से सुरक्षित यात्रा करने और ट्रेन के अंदर ही रहने की अपील करता रहा है।
