राजेपुर/फर्रुखाबाद/
खुशियों से गूंजने वाला एक घर अचानक चिंता और दुआओं का केंद्र बन गया, जब राजेपुर क्षेत्र के ग्राम बिचपुरिया कड़क्का में एक नवजात शिशु ने जन्म लेते ही सभी को हैरान कर दिया। जन्म से ही बच्चे के चेहरे की बनावट सामान्य नवजातों से अलग होने के कारण पूरे गांव में यह खबर तेजी से फैल गई। देखते ही देखते बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार की खुशी कुछ ही पलों में चिंता, दर्द और अनिश्चितता में बदल गई।
परिजनों के अनुसार गांव निवासी राजीव वर्मा की पत्नी ने चार-पांच दिन पहले एक पुत्र को जन्म दिया। जन्म के समय ही बच्चे के चेहरे पर जन्मजात विकृति दिखाई दी। बच्चे को देखकर परिजन स्तब्ध रह गए और पूरे परिवार में मातम जैसा माहौल बन गया। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में बच्चे को देखने पहुंचने लगे। कई लोग इसे ईश्वर की लीला बताते रहे तो कई ने बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की।
जन्म के दो दिन बाद अचानक नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। आनन-फानन में बच्चे को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया और स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

सीएचसी प्रभारी डॉ. परमीत राजपूत ने बताया कि बच्चे के चेहरे पर जन्मजात विकृति (कॉनजेनिटल डिफॉर्मिटी) है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी आवश्यक होती है, इसलिए बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया।
लोहिया अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नवजात का परीक्षण कर आवश्यक उपचार किया। जांच के बाद बच्चे की स्थिति फिलहाल स्थिर पाए जाने पर उसे घर भेज दिया गया। बच्चे के पिता राजीव वर्मा ने बताया कि डॉक्टरों ने फिलहाल बच्चे की नियमित देखभाल करने और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी है। परिवार अब बच्चे के स्वस्थ जीवन की उम्मीद के साथ उसकी पूरी देखभाल कर रहा है।
इस घटना के बाद गांव में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। हर कोई नवजात को देखकर भावुक हो उठा और उसके स्वस्थ होने की कामना करता नजर आया। चिकित्सकों का कहना है कि जन्मजात विकृतियों के कई कारण हो सकते हैं और ऐसे मामलों में विशेषज्ञ जांच व नियमित उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल परिवार की निगाहें बच्चे के बेहतर भविष्य और उसके स्वास्थ्य पर टिकी हैं।
