जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार, किसान आवश्यकता अनुसार ही करें खरीद: डॉ. मनवीर सिंह
*उर्वरक विक्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण, निर्धारित दर पर बिक्री एवं पारदर्शी वितरण के निर्देश*
*काला बाज़ारी, अधिक मूल्य वसूली व अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई*
एटा । जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देशानुसार जनपद एटा में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता एवं शासन द्वारा निर्धारित दरों पर पारदर्शी वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उर्वरक विक्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह के निर्देशन में कृभको केंद्र जलेसर, साधन सहकारी समिति पौंडरी तथा एटा केंद्रीय थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड, जलेसर रोड, अवागढ़ का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के स्टॉक, स्टॉक एवं विक्रय रजिस्टर, कैश मेमो, मूल्य सूची तथा अन्य अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी सहकारी समिति सचिवों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उर्वरकों का विक्रय केवल शासन द्वारा निर्धारित दरों पर किया जाए। सभी स्टॉक एवं विक्रय अभिलेख अद्यतन रखे जाएं, प्रत्येक बिक्री पर अनिवार्य रूप से कैश मेमो उपलब्ध कराया जाए तथा विक्रय केंद्रों पर निर्धारित मूल्य सूची प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। प्रत्येक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुरूप समयबद्ध, पारदर्शी एवं बिना किसी भेदभाव के उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में जनपद में लगभग 27,989 मीट्रिक टन यूरिया, 13,435 मीट्रिक टन डीएपी तथा 4,294 मीट्रिक टन एनपीके सहित अन्य सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जनपद में उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निरंतर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अग्रिम खरीद से बचें तथा केवल अपनी फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक क्रय करें। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित मात्रा एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें, जिससे उत्पादन लागत में कमी आए, फसल की उत्पादकता बढ़े तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित बनी रहे।
डॉ. मनवीर सिंह ने कहा कि कृषि विभाग किसानों के हितों के संरक्षण एवं उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनपद में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाहों पर ध्यान न देने तथा आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक खरीदने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करता है, कालाबाज़ारी करता है, स्टॉक छिपाता है, टैगिंग करता है अथवा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
