सरकारी पशु अस्पताल पर भूमाफिया का कब्जा, इलाज की जगह बना भूसा-लकड़ी का गोदाम |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज/फर्रुखाबाद।

विकासखंड क्षेत्र के ग्राम अहमदगंज में वर्ष 2009 में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए पशु चिकित्सालय पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी कमलेश चतुर्वेदी पुत्र रामवीर चतुर्वेदी ने सरकारी भवन पर कब्जा कर उसे निजी गोदाम बना दिया है। भवन के अंदर भारी मात्रा में भूसा, लकड़ी, कंडे और तंबाकू आदि भरे हुए हैं, जिससे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार पशु चिकित्सालय बनने के बाद आज तक यहां न तो किसी डॉक्टर की नियुक्ति हुई और न ही किसी अधिकारी ने इसकी सुध ली। अधिकारियों की लापरवाही के चलते भवन धीरे-धीरे अवैध कब्जेदारों के कब्जे में चला गया। आरोप है कि भवन के गेट और खिड़कियां तोड़ दी गईं, बिजली के तार चोरी कर लिए गए और सरकारी ताले तोड़कर कब्जेदारों ने अपने ताले डाल दिए।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पशु चिकित्सालय परिसर के अंदर और बाहर लकड़ियों व भूसे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। भवन की हालत भी जर्जर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी संपत्ति की इस तरह बर्बादी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों और प्रधान की मिलीभगत से सरकारी भवन पर कब्जा कराया गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गांव के लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पशु चिकित्सालय को तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए, भवन की मरम्मत कराकर वहां पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई गई है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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