उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) अब तेजी से असर दिखा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए योजना को नई गति दी है।
अभियान के दौरान फिरोजाबाद ने 349 नामांकन के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। गाजियाबाद 262 और बस्ती 238 नामांकन के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा बांदा, बरेली, अंबेडकरनगर, हापुड़ और बिजनौर जैसे जिलों ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
यदि पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो हरदोई 929 नामांकन के साथ शीर्ष पर रहा। आजमगढ़ में 597 और गाजियाबाद में 547 नामांकन दर्ज किए गए। प्रतापगढ़, बस्ती, बलिया, मेरठ और वाराणसी जैसे जिलों की सक्रियता भी उल्लेखनीय रही है।
राज्य सरकार की पहल के बाद नामांकन की रफ्तार में बढ़ोतरी देखी गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान और प्रशासनिक निगरानी के चलते योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जिन जिलों का प्रदर्शन पहले अपेक्षाकृत कम था, वहां भी अब सुधार के प्रयास तेज किए गए हैं।
यह योजना उन श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अब तक किसी औपचारिक पेंशन व्यवस्था से बाहर रहे हैं। PM-SYM के माध्यम से उन्हें 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन का लाभ मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
प्रदेश में इस योजना के विस्तार से आने वाले समय में और अधिक श्रमिकों के जुड़ने की संभावना है। इससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा व्यापक होगा और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्थायी सहारा मिल सकेगा।
