बिहार की सियासत में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। Nitish Kumar के राज्यसभा पहुंचने के बाद अब राज्य में एनडीए सरकार के नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है।
नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे और इसके बाद 11 अप्रैल को पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे से पहले वे एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाएंगे, जिसमें अपने पद छोड़ने की औपचारिक घोषणा करेंगे। इसके बाद वे राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नई सरकार को लेकर एनडीए के घटक दलों—Bharatiya Janata Party (भाजपा) और Janata Dal (United) (जेडीयू)—के बीच सहमति बन चुकी है। जानकारी के अनुसार, बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा, जो राज्य में पहली बार इस पद पर काबिज होगी।
मुख्यमंत्री पद के लिए मौजूदा डिप्टी सीएम Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे चल रहा है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। यह फैसला नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
वहीं, नई सरकार में जेडीयू की भूमिका भी मजबूत बनी रहेगी। पार्टी को उपमुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना है। चर्चा है कि इस पद के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
राज्य में नई सरकार का गठन ‘खरमास’ खत्म होने के बाद ही होने की संभावना है। 14 अप्रैल के बाद शपथग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है, जिसमें नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य पद की शपथ लेंगे।
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार है और अब सबकी नजरें नए मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई हैं।
