मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई ‘पूरी सभ्यता खत्म करने’ वाली चेतावनी के बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं। दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव पर टिकी हैं।
व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: “न्यूक्लियर ऑप्शन नहीं”
ट्रंप के धमाकेदार बयान के तुरंत बाद व्हाइट हाउस ने स्थिति संभालते हुए साफ किया कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की कोई योजना नहीं है।
अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान जारी हैं, लेकिन न्यूक्लियर हमले को रणनीति से बाहर बताया गया है।
ट्रंप का सख्त रुख कायम
इसके बावजूद ट्रंप अपने बयान पर अड़े हैं। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि:
“आज रात एक पूरी सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है…”
उनके मुताबिक यह 47 साल से चल रहे संघर्ष, भ्रष्टाचार और हिंसा का अंत हो सकता है।
डेडलाइन पर सस्पेंस
ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत में प्रगति होती है, तो हमले की तय समयसीमा बदली जा सकती है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि समय सीमा खत्म होते ही अमेरिका अपनी सैन्य रणनीति पर आगे बढ़ेगा।
ईरान ने तोड़े संपर्क
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका के साथ सभी सीधे संचार बंद कर दिए हैं।
इसका असर वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है—कई देशों में सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
दुनिया की अपील: शांति बनाए रखें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और नागरिकों को निशाना न बनाने की अपील की है।
जेडी वेंस का दावा: “जंग जल्द खत्म हो सकती है”
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है:
- “अब गेंद ईरान के पाले में है”
- शांति का फैसला तेहरान को करना है
- ‘मिडनाइट डेडलाइन’ पर टिकी दुनिया
फिलहाल पूरी दुनिया उस अहम डेडलाइन का इंतजार कर रही है, जो तय करेगी कि:
- क्या युद्ध भड़केगा
- या कूटनीति जीत जाएगी
स्थिति बेहद नाजुक है—एक गलत कदम एशिया ही नहीं, पूरी दुनिया को बड़ी तबाही की ओर धकेल सकता है।
