श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर में नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर गोष्ठी का हुआ आयोजन |

2 Min Read

फर्रुखाबाद/

कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती फर्रुखाबाद द्वारा नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती के ध्येय गीत के साथ हुआ। इसके उपरांत प्रांतीय विधा प्रमुख (धरोहर कला) श्री अखिलेश पांडेय ने श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व पर प्रकाश

डालते हुए बताया कि यह प्राचीन शिवालय महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपनी माता कुंती की प्रेरणा से तथा भगवान श्रीकृष्ण की उपस्थिति में यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इस पावन स्थल पर एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होने की विशेष मान्यता है।

राष्ट्रीय कवि श्री शिव ओम अंबर ने नव संवत्सर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष उस दिव्य क्षण का प्रतीक है, जब सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना आरंभ की थी। उन्होंने कहा कि यह दिन प्रकृति और मानव जीवन दोनों में नवचेतना, उत्साह और उमंग का संदेश लेकर आता है। वसंत ऋतु के आगमन के साथ वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है, जो जीवन को नव दिशा प्रदान करता है। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। बैठक का संचालन सचिव गौरव मिश्रा द्वारा किया गया। प्रमुख रूप से समेंद शुक्ल (कवि), शिव ओम अंबर, अरविंद दीक्षित, सुबोध शुक्ला, नवीन मिश्र (नब्बू भाई), अमन अवस्थी, नरेंद्र नाथ, विशाल श्रीवास्तव, अनुभव सारस्वत, नवनीत गुप्ता, अनुराग अग्रवाल, रामजी बाजपेई, अनुराग पाण्डेय, रवीन्द्र भदौरिया, अखिलेश पांडेय सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *