फर्रुखाबाद |
दिल्ली में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ पत्रकारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में ‘प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन’ के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। एसोसिएशन ने दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़ी शब्दों में निंदा की है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा एक जनांदोलन निकाला गया था। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा सख्ती बरती गई। इसी जनआंदोलन और घटनाक्रम की निष्पक्ष कवरेज करने के लिए प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार फील्ड में मौजूद थे। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी लिहाज के कवरेज कर रहे पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे कई पत्रकार घायल हो गए।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
एसोसिएशन ने इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि पत्रकारों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
ज्ञापन देने के दौरान ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से:
- राष्ट्रीय अध्यक्ष: मोहन लाल गौड़
- राष्ट्रीय महामंत्री: संजय शर्मा
- कोषाध्यक्ष: दीपक तिवारी
- कार्यकारिणी सदस्य: विनय सक्सेना, ताहिर खां बज्जू
- जिला उपाध्यक्ष: महेश वर्मा
- अन्य प्रमुख सदस्य: इरशाद अली, विजय सिंह वर्मा, ज्ञानचंद्र राजपूत, अमृतपुर अध्यक्ष प्रताप सिंह यादव, अनुज कुमार, श्यामवीर समेत तमाम पत्रकार साथी मौजूद रहे।
