बैंकों पर लटके ताले, करोड़ों का कारोबार ठप—हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे बैंककर्मी |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) में भेदभाव की नीति समाप्त किए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले के बैंक कर्मचारी एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई हड़ताल का जिले में व्यापक असर दिखाई दिया। बैंक शाखाओं के शटर बंद रहे और सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने से करोड़ों रुपये के लेन-देन पर ब्रेक लग गया। चेक क्लियरिंग समेत कई वित्तीय कार्य भी प्रभावित रहे, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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सुबह से ही बैंक शाखाओं के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी कामकाज से विरत रहे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। शहर के लालगेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा पर सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए। यहां धरना-प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और बैंक प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की।

हड़ताल में स्टेट बैंक, विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था तेजी से डिजिटल हो चुकी है। ग्राहक मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और अन्य डिजिटल माध्यमों से चौबीसों घंटे बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में बैंक कर्मचारियों से सप्ताह में छह दिन काम लिए जाने को उन्होंने उचित नहीं बताया।

शनिवार की छुट्टी को लेकर जताई नाराजगी

धरने को संबोधित करते हुए आश्रय अवस्थी ने कहा कि बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच हुए लिखित समझौते के अनुसार सभी शनिवारों को अवकाश दिए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कई विकसित देशों के साथ भारत में भी रिजर्व बैंक और बीमा क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को भी पांच दिन का कार्य सप्ताह मिलना चाहिए।

PLI में भेदभाव खत्म करने की मांग

कर्मचारियों ने पीएलआई व्यवस्था में कथित भेदभाव को समाप्त करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कर्मचारियों के बीच भेदभावपूर्ण नीति को तत्काल समाप्त कर समान और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उनका कहना था कि मांगों को लेकर पहले भी बैंक प्रबंधन के समक्ष आवाज उठाई जा चुकी है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका।

इटावा मंडल के प्रांतीय सहायक महामंत्री राजीव कुमार ने कहा कि मार्च 2025 में भी बैंक कर्मचारियों की मांगों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से समाधान का भरोसा दिया गया था, लेकिन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं डिजिटल होने के बावजूद कर्मचारियों पर छह दिन कार्य करने का दबाव उचित नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन में जयंत यादव, राजीव सिंह चौहान, निखिल मित्र, प्रदीप सोमवंशी सहित बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैंक बंद रहने से आम ग्राहकों, व्यापारियों और अन्य बैंकिंग कार्यों से जुड़े लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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