फर्रुखाबाद/
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद आगमन से पहले पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कर्मचारी संगठन में हलचल तेज हो गई। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, फर्रुखाबाद के कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि कुमार यादव को पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। बताया गया कि संघ की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष शासन स्तर पर लंबित कर्मचारी समस्याओं और न्यायोचित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी थी। इसी सिलसिले में वह ज्ञापन देने के लिए जाने वाले थे, लेकिन उनके आवास से बाहर निकलने से पहले ही पुलिस पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
बताया गया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस कर्मी ऋषि यादव के आवास पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें घर से बाहर जाने से रोक दिया गया। काफी समय तक पुलिस कर्मी उनके आवास पर मौजूद रहे। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कर्मचारी संगठन से जुड़े लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई।
दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को शासन के समक्ष रखने की तैयारी थी। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री के जनपद आगमन को संगठन ने अपनी बात सीधे शासन तक पहुंचाने का अवसर माना था।
‘लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना हमारा अधिकार’
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि कुमार यादव ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी समस्याओं और न्यायोचित मांगों को शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाना चाहते हैं। ज्ञापन देना किसी प्रकार का विरोध या अव्यवस्था फैलाने का प्रयास नहीं था, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार के सामने रखने का लोकतांत्रिक माध्यम था।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आवाज को हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता। उनका कहना है कि संगठन अपनी लंबित मांगों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है और जब तक समस्याओं का न्यायोचित समाधान नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले पुलिस की सख्ती चर्चा में
मुख्यमंत्री के फर्रुखाबाद दौरे से ठीक पहले कर्मचारी नेता को घर में ही रोकने की कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई। एक ओर प्रशासन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने में जुटा था, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कर्मचारियों की मांगों और संगठन के अगले कदम को लेकर भी नजरें टिकी हैं।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल की आवश्यकता है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाता रहेगा। ऋषि यादव की नजरबंदी के बाद कर्मचारी संगठनों में इस मुद्दे को लेकर आगे क्या रणनीति बनती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
[8:19 PM, 9/3/2026] Abhishek Gupta Rpt: Hi

