रिपोर्ट गोपाल सक्सेना |
फर्रुखाबाद |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद जिले का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और हालात का जायजा लिया। खराब मौसम और बारिश के कारण पूर्व निर्धारित स्थल राजेपुर के डबरी गांव की जगह फतेहगढ़ पुलिस लाइन में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सीएम ने पीड़ित परिवारों से संवाद किया।
बाढ़ पीड़ितों को 1000 राहत किट और आवासीय पट्टे वितरित
पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट सौंपी। साथ ही बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगों को आवासीय भूमि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए सीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह उनके साथ है। उन्होंने फर्रुखाबाद में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिया।
आलू किसानों के नुकसान का होगा आकलन
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के आलू किसानों और फसलों के नुकसान पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई फसल क्षति का तुरंत आकलन कर नियमानुसार मुआवजा व सहायता उपलब्ध कराई जाए।
लिंक एक्सप्रेसवे से विकास को मिलेगी गति
क्षेत्र के ढांचागत विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने लिंक एक्सप्रेसवे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से फर्रुखाबाद में व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना, आउटसोर्स सेवा निगम की घोषणा
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले आउटसोर्सिंग कंपनियां सैफई की हुआ करती थीं और युवाओं के हक पर डाका डाला जाता था।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “गरीब के पैसे पर डकैती नहीं पड़ने देंगे।” उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण को रोकने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ का गठन किया गया है, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
छात्र के साथ सेल्फी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ का एक सहज रूप भी देखने को मिला, जब उन्होंने वहां मौजूद एक छात्र के साथ सेल्फी खिंचवाई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अमले के बीच दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।

