फर्रुखाबाद/
रोडवेज बस स्टैंड पर शाम उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब यात्रियों को बस में बैठाने की होड़ को लेकर दो अलग-अलग डिपो के परिचालकों (कंडक्टरों) के बीच जमकर विवाद हो गया। उरई और इटावा डिपो के कंडक्टरों के बीच शुरू हुई यह मामूली कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में तब्दील हो गई, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा।
सवारियों को बैठाने से शुरू हुआ विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस स्टैंड पर उरई डिपो की एक बस खड़ी थी, जिसमें पहले से ही काफी संख्या में यात्री सवार थे। इसी दौरान वहां इटावा डिपो की भी एक बस मौजूद थी, लेकिन उसमें यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। बताया जा रहा है कि उरई डिपो के परिचालक ने इटावा डिपो की बस के कुछ यात्रियों को अपनी बस में बैठा लिया। इसी बात को लेकर इटावा डिपो के परिचालक ने आपत्ति जताई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
स्टेशन इंचार्ज की अनुमति का हवाला, फिर भी हुई मारपीट
इस पूरे घटनाक्रम पर उरई डिपो के परिचालक ने अपनी सफाई में बताया कि उसने स्टेशन इंचार्ज से बकायदा पूछकर ही इटावा की बस के यात्रियों को अपनी बस में बैठाया था। हालांकि, इटावा डिपो का परिचालक इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं था। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही हिंसक रूप ले बैठी। इसी बीच एक अन्य परिचालक ने उरई डिपो के कंडक्टर का कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद सरेआम हाथापाई शुरू हो गई।
अन्य कर्मचारियों ने कराया बीच-बचाव बस स्टैंड पर सरेआम दो डिपो के कर्मचारियों को आपस में भिड़ता देख वहां मौजूद यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। विवाद को बढ़ता देख मौके पर मौजूद अन्य बसों के चालकों और परिचालकों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर अलग किया और स्थिति को शांत कराया।
