बेटे की पिटाई का बदला नाबालिग के बाबा की पिटाई से लिया, पीड़ित वृद्ध ने समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र सौंप के लगाई गुहार
(संवाददाता योगेन्द्र प्रताप सिंह, जलेसर)
जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में कोतवाली क्षेत्र जलेसर के गांव कोसमा में दो नाबालिगों के बीच हुआ झगड़ा बाबा की मारपीट तक पहुंच गया। एक आरोपी द्वारा अपने बेटे की पिटाई का बदला नाबालिग के बाबा की पिटाई से लिया गया। कोतवाली पुलिस द्वारा घटना के पांच दिन बाद भी अभियोग दर्ज नहीं किया गया है। आरोपी के वृद्ध कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर पीड़ित वृद्ध ने जिलाधिकारी व एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंप नामजद आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की गुहार लगाई गई है।
शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कोतवाली क्षेत्र के गांव कोसमा निवासी लगभग 75 वर्षीय हरिप्रसाद पुत्र सरनी लाल ने जिलाधिकारी एम अरुणमोली को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि गत 29 सितम्बर 2026 को प्रार्थी के परिवार के 14 वर्षीय पंकज पुत्र सोनू, 16 वर्षीय करन पुत्र पप्पू व
टुल्ली पुत्र बुद्ध सैन व गांव के अन्य नाबालिग बच्चे गांव के समीप गेंद खेल रहे थे। तभी खेल – खेल में बुद्ध सैन के पुत्र दुल्ली व पंकज में मार पीट हो गई। जिसे गांव के गणमान्य लोगों ने शान्त कर दिया। 29 सितम्बर 26 को ही लगभग साढ़े तीन बजे वृद्ध पीड़ित अपने मकान में बैठा हुआ था। तभी बुद्ध सैन पुत्र गोपीराम निवासी ग्राम कोसमा आया और उसने पीड़ित वृद्ध पर ताबड तोड़ थप्पड़ व लात घूंसों की बरसात कर दी। इससे पहले पीड़ित कुछ समझ पाता तब तक उक्त बुद्ध सैन यह कहते हुए फरार हो गया कि तेरे नाती ने मेरे बेटे दुल्ली के पीटा था। इसलिए मैने उसके बाबा की पिटाई की है। वही बुद्ध सैन के चिल्लाने चीखने पर पास पड़ोस के भूरी सिंह पुत्र रामसिंह व रामदेवी पत्नी कन्ही लाल व अन्य ग्रामीण मौके पर आ गए। जिन्हें देख आरोपी पीड़ित बुद्धसेन व उसके परिवार को पुन: देख लेने की धमकी दे कर फरार हो गया। पीड़ित ने बताया कि घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। गत 30 सितम्बर को तहरीर देने के बाबजूद कोतवाली पुलिस द्वारा घटना के पांच दिन बाद भी आरोपियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित वृद्ध ने जिलाधिकारी एवं एसएसपी से घटना की रिपोर्ट लिखवा कर उक्त आरोपी बुद्धसेन के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही किए जाने की गुहार लगाई है। वही क्षेत्राधिकार ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान आने पर तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की दबिश दिलाई गई है। साथ ही प्रभारी निरीक्षक जलेसर को घटना का अभियोग पंजीकृत किए जाने को कहा गया है। अभी तक घटना का अभियोग पंजीकृत नहीं होने के कारण संज्ञान में नहीं है।

