एटा में हरियाणा की शराब का काला खेल! विभाग की आंखें बंद, सरकार को लग रहा करोड़ों का चुना
एटा। जनपद में इन दिनों हरियाणा की अवैध शराब का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार शहर से लेकर देहात तक हरियाणा मार्का शराब की सप्लाई धड़ल्ले से हो रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में यह खेल चल रहा है?
बताया जा रहा है कि शाम ढलते ही कई होटल और ढाबे “मयखाने” में तब्दील हो जाते हैं। यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के बाहरी राज्यों की शराब परोसी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर “महीनेदारी” लेकर कोटा पूरा करा रहे हैं।
सरकार को राजस्व का भारी नुकसान
जानकारों का कहना है कि हरियाणा की सस्ती शराब यूपी में खपाई जा रही है, जिससे प्रदेश सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह सीधे-सीधे सरकार की नीतियों और कानून व्यवस्था को चुनौती है।
प्रदेश में शराब नीति का संचालन उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है, लेकिन एटा में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे खेल से अनजान हैं, या फिर सब कुछ उनकी जानकारी में हो रहा है?
माफियाओं पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ शराब माफिया पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों से माल लाकर शहर और ग्रामीण अंचलों में सप्लाई की जा रही है। लेकिन अब तक किसी बड़े नाम पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जनता में रोष, जांच की मांग
जनपदवासियों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व माफियाओं पर सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध कारोबार और भी गहराता जाएगा। जिलाधिकारी भी इस पर नजर रखकर कार्यवाही करें।
