कायमगंज में सिगरेट–गुटखा आपूर्ति पर विवाद, एजेंसी होल्डरों पर मनमानी वसूली के आरोप
फर्रुखाबाद जनपद में बाजार व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रशासन से जांच की मांग
कायमगंज नगर में सिगरेट एवं गुटखा मसाले की आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय खुदरा दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि कुछ एजेंसी होल्डरों द्वारा कंपनियों की नई रेट लिस्ट जारी होने से पहले ही माल का बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा कर लिया गया है और खुदरा व्यापारियों को निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर सामग्री बेची जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि अभी तक आधिकारिक रूप से नई मूल्य सूची जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद ऊंचे दाम वसूले जा रहे हैं। कई व्यापारियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यदि वे महंगे दाम पर माल लेने से इनकार करते हैं तो सप्लाई रोकने की चेतावनी दी जाती है। इससे छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और उपभोक्ताओं को भी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
■ इन एजेंसी होल्डरों के नाम चर्चा में
सूत्रों के अनुसार जिन एजेंसी संचालकों के नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं, उनमें—
1. पीयूष शर्मा — सीपी स्कूल के पास
2. विवेक रस्तोगी — श्याम गेट क्षेत्र
3. बल्लू भारद्वाज — गल्ला मंडी–मछली मंडी के पास
4. नसीम — गल्ला मंडी, नोनिमगंज क्षेत्र
5. ललित मिश्रा — कायमगंज रोड, ठेके के सामने (कंपिल मार्ग)
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि इन एजेंसी होल्डरों के पास सिगरेट–गुटखा का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिसे ऊंचे दामों पर आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ व्यापारियों ने जीएसटी संबंधी अनियमितताओं की भी आशंका जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
■ बाजार में कृत्रिम किल्लत की आशंका
व्यापारियों का कहना है कि यदि नई रेट लिस्ट लागू होने से पहले ही बढ़े हुए दाम वसूले जा रहे हैं, तो इससे बाजार की पारदर्शिता प्रभावित होती है। उनका आरोप है कि कृत्रिम किल्लत का माहौल बनाकर कीमतों में मनमानी की जा रही है।
### प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय व्यापार मंडल एवं प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि—
* पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
* आधिकारिक रेट लिस्ट लागू होने तक बढ़ी हुई कीमतों पर बिक्री रोकी जाए।
* यदि अनियमितता सिद्ध हो तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि जांच होती है तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
