फर्रुखाबाद
कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी हरीश चंदर ने जनपद का वार्षिक मुआयना कर पुलिस व्यवस्था की गहन समीक्षा की। पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय सभागार में उन्हें औपचारिक सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कानून-व्यवस्था और विभागीय कार्यों की प्रगति पर प्रकाश डाला।
निरीक्षण के क्रम में डीआईजी ने फतेहगढ़ स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली को परखा। उन्होंने आईजीआरएस सेल, रिट सेक्शन, डाक प्रबंधन शाखा सहित अमृतपुर व मोहम्मदाबाद के क्षेत्राधिकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराधियों और माफिया तत्वों के विरुद्ध अभियान निरंतर चलता रहेगा।
पुलिस लाइन के दौरे में उन्होंने विभागीय भवनों और संसाधनों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कुछ नई इमारतों की योजना तैयार है, कुछ पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुछ प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। अभिलेखों के रखरखाव और लेखा प्रणाली की समीक्षा के दौरान जहां खामियां मिलीं, वहां आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए, वहीं बेहतरकार्यों की सराहना भी की गई।
डीआईजी ने विभाग में तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, नव नियुक्त कर्मियों के दस्तावेजों का सुव्यवस्थित संधारण तथा उनके एनपीएस खातों की समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि यह विस्तृत निरीक्षण देर रात तक चलेगा, जिसका उद्देश्य व्यवस्थागत खामियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करना है। आईजीआरएस प्रणाली में बेहतर प्रदर्शन को लेकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीते तीन माह से जनपद शीर्ष स्थान पर बना हुआ है और रेंज भी लगभग दस माह से अग्रणी बनी हुई है। उन्होंने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, प्रभावी फीडबैक व्यवस्था और कमजोर प्रदर्शन वाले थानों की समीक्षा कर सुधार लाने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त डीआईजी ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के साथ लागू करने पर बल दिया।
