एटा में चिकोरी, घेवर और पूड़ी-सब्जी की इकाइयों को मिलेगा ऋण व अनुदान
जनरल फोर्स ब्यूरो
एटा । जनपद में स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) वित्त पोषण सहायता योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत एटा के चयनित व्यंजन चिकोरी, घेवर और पूड़ी-सब्जी से संबंधित पात्र इकाइयों को बैंक के माध्यम से ऋण और अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग अर्चना कुमारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों के उत्पादन में वृद्धि, गुणवत्ता सुधार, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। इसके तहत नई इकाइयों की स्थापना के साथ मौजूदा इकाइयों के विस्तार एवं विविधीकरण के लिए भी सहायता दी जा सकती है। स्वचालित मशीनें, आधुनिक पैकेजिंग व लेबलिंग उपकरण, कोल्ड स्टोरेज, खाद्य गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और क्लाउड किचन की स्थापना जैसी गतिविधियां भी योजना में शामिल हैं।
योजना के तहत परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर 25 प्रतिशत, अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान है। अन्य लागत श्रेणियों में निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान दिया जाएगा।
आवेदन के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की कोई न्यूनतम बाध्यता नहीं है। आवेदक किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए तथा उसे पूर्व में केंद्र या प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। पात्रता के अनुसार चयनित व्यंजनों से संबंधित उद्योग, सेवा और व्यवसाय की इकाइयां आवेदन कर सकती हैं।
अर्चना कुमारी ने बताया कि जनपद को 10 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष 30 लाख रुपये की मार्जिन मनी वितरण का लक्ष्य मिला है। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट https://msme.up.gov.in/ पर आवेदन एवं योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, आईटीआई के सामने, कासगंज रोड, एटा में संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल के बजाय विभागीय दूरभाष नंबर 05742-233487 पर संपर्क करें।
