CBSE 12th Result: JEE पास करने वाले बोर्ड में फेल! मचा बबाल

4 Min Read

CBSE कक्षा 12वीं के रिजल्ट आने के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी मायूसी और गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस पूरे विवाद और डिजिटल कॉपियों की चेकिंग (OSM सिस्टम) पर उठ रहे सवालों के बीच अब सीबीएसई ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और एक आधिकारिक बयान जारी किया है।

दरअसल, रिजल्ट आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर छात्र, माता-पिता और टीचर्स लगातार शिकायत कर रहे थे कि फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे मुख्य विषयों में उम्मीद से बहुत कम नंबर मिले हैं। हद तो तब हो गई जब कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने जेईई (JEE) जैसी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उन्हें फेल कर दिया गया।

You Might Be Interested In

  1. Sadhvi Satish Sail: कौन हैं मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 साध्वी सतीश सैल? खूबसूरती देख चौंधिया जाएंगी आंखें
  2. ये 4 सेक्स पोजीशन… जो भरपूर चरम सुख तक ले जाएंगी! Confidence और शरीर की Positivity भी करेंगी बूस्ट
  3. कातिलाना फिगर और बोल्ड लुक! अफगानी मॉडल के बिकिनी लुक ने उड़ाए होश; हुस्न ने मचाई सनसनी

सोशल मीडिया पर उठते सवालों का जवाब देते हुए सीबीएसई ने अपने डिजिटल मूल्यांकन यानी ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम का बचाव किया है. बोर्ड का कहना है कि इस सिस्टम को इसलिए लाया गया था ताकि कॉपियों की चेकिंग में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे. बोर्ड के मुताबिक, कंप्यूटर पर होने वाली इस चेकिंग से इंसानी गलतियों की गुंजाइश कम हो जाती है और बच्चों को हर स्टेप के सही नंबर ठीक से मिलते हैं।

आपको बता दें कि इस साल सीबीएसई कक्षा 12वीं का पास प्रतिशत गिरकर 85.2% रह गया है, जो पिछले 7 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन है। बोर्ड ने नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि छात्रों को पास होने के लिए थ्योरी (लिखित परीक्षा) और प्रैक्टिकल, दोनों में अलग-अलग कम से कम 33% नंबर लाना ज़रूरी है।

जिन छात्रों को लगता है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है या नंबर उम्मीद से कम हैं, उनके लिए राहत की खबर है. सीबीएसई ने एलान किया है कि 12वीं कक्षा के लिए री-इवैल्युएशन (पुनर्मूल्यांकन) की प्रक्रिया 19 मई 2026 से शुरू होने जा रही है।

सुझव सबसे पहले छात्रों को अपनी जांची गई आंसर-शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई करना होगा। कॉपी मिलने के बाद छात्र खुद देख सकेंगे कि कहाँ गड़बड़ी हुई है। इसके बाद वे किसी खास सवाल के नंबरों की दोबारा जांच या वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि अगर कॉपियों की दोबारा जांच में कोई भी गड़बड़ी या कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा और छात्रों के नंबर बढ़ाए जाएंगे. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के अंदर और निर्धारित फीस जमा करके इस प्रक्रिया को पूरा कर लें। इसके साथ ही, सीबीएसई के नियमों के मुताबिक जो छात्र किसी एक विषय में फेल हो गए हैं, वे कंपार्टमेंट परीक्षा देकर अपना साल बचा सकते हैं, बशर्ते वे पास होने की बाकी शर्तों को पूरा करते हों. री-इवैल्युएशन की पूरी टाइमलाइन और फीस की जानकारी बोर्ड जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा।

Subscribe Newsletter

Loading
TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *