फर्रुखाबाद।
एशिया की सबसे बड़ी सातनपुर आलू मंडी में किसानों के साथ हो रही कथित लूट-खसोट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि फर्रुखाबाद समेत आसपास के जनपदों के किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज बेचने मंडी पहुंचते हैं, लेकिन यहां आढ़ती और व्यापारी मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। आरोप है कि मंडी में आलू की बिक्री खुलेआम न होकर “अंगौछे के अंदर” सौदा तय कर की जाती है, जो नियमों के विपरीत है।
भाकियू नेताओं ने जिलाधिकारी को एक पेन ड्राइव भी सौंपी, जिसमें ऐसे सौदों से जुड़े सौ से अधिक वीडियो होने का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार फसल की बिक्री खुली बोली के माध्यम से होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
इसके साथ ही तौल में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। किसानों को 50 किलो के स्थान पर 47-48 किलो की सादा पर्ची दी जा रही है, जबकि पक्की फसल पर 49 किलो की तौल होनी चाहिए। साथ ही 6R का पक्का पर्चा भी नहीं दिया जा रहा, जिससे किसान सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में मंडी सभापति और सचिव को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने लिंक एक्सप्रेसवे और संगठन से जुड़ी अन्य समस्याएं भी जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि मंडी में अगले दिन से आलू की बिक्री केवल खुली बोली के माध्यम से कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आढ़तियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
नगर मजिस्ट्रेट ने भी तत्काल मंडी सचिव को सख्ती से आदेशों का पालन कराने के निर्देश दिए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष अजय कटियार, कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी, जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य और युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत शामिल रहे।
