कायमगंज/फर्रुखाबाद।
बिजली विभाग के नियम-कानूनों को ताक पर रखकर सांठगांठ के दम पर कारनामे करने के मामले में कायमगंज के बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) जावेद अहमद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ताजा मामला नगर के सधवाड़ा क्षेत्र का है, जहां दो-दो बार बिजली चोरी पकड़े जाने और करीब एक लाख रुपये का जुर्माना होने के बावजूद उपभोक्ता को नया बिजली कनेक्शन मुहैया करा दिया गया। इस पूरे मामले में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
एक ही भवन पर दो FIR
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कायमगंज नगर के सधवाड़ा निवासी संतोष कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद बिना किसी वैध कनेक्शन के अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे।
- पहली कार्रवाई: 30 जनवरी 2026 को विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर इन्हें बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिस पर विजिलेंस टीम द्वारा 79,417 रुपये का जुर्माना लगाया गया और FIR दर्ज की गई।
- दूसरी कार्रवाई: इसके ठीक कुछ दिन बाद, 24 फरवरी 2026 को चेकिंग के दौरान जेई जावेद अहमद ने इसी भवन पर दोबारा बिजली चोरी पकड़ी। जेई द्वारा भी उपभोक्ता पर 17,780 रुपये का जुर्माना लगाते हुए दूसरी FIR दर्ज कराई गई।
शमन शुल्क जमा किए बिना ही मेहरबान हुए जेई
नियमानुसार, बिजली चोरी के आरोपियों पर दर्ज FIR और जुर्माने (शमन शुल्क) की राशि जमा न होने तक नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। लेकिन कायमगंज उपखंड में नियम बदल जाते हैं। दोनों FIR होने के महज दो महीने बाद ही जेई जावेद अहमद द्वारा उसी भवन पर नया विद्युत कनेक्शन चालू कर दिया गया, जबकि उपभोक्ता ने अभी तक जुर्माने की एक भी पाई जमा नहीं की है।
उपभोक्ता का दावा: जेई साहब को दी मोटी रकम, लेटर लिखकर माफ कराएंगे जुर्माना
जब इस संबंध में आरोपी विद्युत उपभोक्ता से बात की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उपभोक्ता ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि उसने शमन शुल्क (जुर्माना) जमा नहीं किया है। उपभोक्ता के अनुसार –
जेई जावेद अहमद को एक मोटी अतिरिक्त रकम (अवैध वसूली) दी गई है। जेई साहब ने भरोसा दिलाया है कि घबराओ मत, मैं तुम्हें फंसने नहीं दूंगा। उन्होंने एक विभागीय लेटर लिखकर मेरा सारा पिछला जुर्माना खत्म कराने का आश्वासन दिया है।
आम जनता परेशान, रसूखदारों पर मेहरबानी
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय जनता और ईमानदार उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ आम आदमी को नया वैध कनेक्शन लेने के लिए बिजलीघर के दर्जनों चक्कर काटने पड़ते हैं और जेब ढीली करनी पड़ती है, वहीं दूसरी तरफ दो-दो बार बिजली चोरी करने वाले अपराधियों को अवैध वसूली के दम पर घर बैठे कनेक्शन परोस दिया जाता है।
उच्च अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय किसान यूनियन (धरती पुत्र) के प्रदेश सचिव मुन्नालाल सक्सेना ने कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग के भ्रष्टाचार से संबंधित कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। इसके बावजूद उच्च अधिकारी दागी जेई के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देने में जुटे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों और जेई के खिलाफ जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
अब देखना यह है कि करीब एक लाख रुपये के राजस्व को चूना लगाने वाले इस गठजोड़ पर बिजली विभाग के आला अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर मोटी रकम के खेल में इस भ्रष्टाचार की फाइल को भी दबा दिया जाएगा।


