बड़ी पहल: कुठला झील समेत दो तालाब बनेंगे वेटलैंड, बढ़ेगा पर्यटन |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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राजेपुर/फर्रुखाबाद/

जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और तेजी से सिमटते पारंपरिक जलस्रोतों को बचाने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है। इसी क्रम में फर्रुखाबाद की प्रसिद्ध कुठला झील सहित जिले के तीन प्रमुख जलस्रोतों को वेटलैंड घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शासन की ओर से अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद इन जलस्रोतों को आधिकारिक रूप से वेटलैंड घोषित कर दिया जाएगा।

जिले के राजेपुर क्षेत्र स्थित कुठला झील करीब 4.32 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली हुई है। यह झील पहले से ही प्राकृतिक सुंदरता और प्रवासी पक्षियों के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में यहां दूर-दराज के देशों और राज्यों से प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खास बात यह है कि झील में पूरे वर्ष पानी बना रहता है, जिससे आसपास के भूजल स्तर को भी लाभ मिलता है।

इसके अलावा ग्राम पंचायत राई के खरगपुर स्थित 1.75 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले तालाब तथा रामपुर ढपरपुर के 2.83 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले पुराने तालाब को भी वेटलैंड के लिए चयनित किया गया है। हालांकि पानी की कमी और उपेक्षा के चलते ये दोनों तालाब काफी हद तक सूख चुके हैं, लेकिन बारिश के मौसम में इनमें पानी भरने की संभावना रहती है। अब वेटलैंड घोषित होने के बाद इन तालाबों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा।

अवैध कब्जों और भूजल दोहन पर लगेगी रोक

जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि वेटलैंड घोषित होने के बाद इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, मिट्टी खनन और भूजल दोहन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इतना ही नहीं, वेटलैंड क्षेत्र की सीमा से 50 मीटर तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा। इससे इन जलस्रोतों का प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने बताया कि वर्षा के दौरान तालाबों और झील में पानी भरने से भूजल स्तर में सुधार होगा। साथ ही सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकास

सरकार इन जलस्रोतों को केवल संरक्षित ही नहीं करेगी, बल्कि उन्हें पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित करने की योजना बना रही है। विशेष रूप से खरगपुर तालाब के सुंदरीकरण और विकास के लिए पर्यटन विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी और बजट मिलते ही तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा और वहां पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में कुठला झील और अन्य वेटलैंड क्षेत्र पर्यावरण पर्यटन के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और जिले की पहचान एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में मजबूत होगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि वेटलैंड प्राकृतिक जल संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं। ये न केवल वर्षा जल को संरक्षित करते हैं, बल्कि भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में फर्रुखाबाद के इन जलस्रोतों को वेटलैंड घोषित किया जाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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