कुढला झील बनेगी इको-टूरिज्म का नया केंद्र, 2.5 करोड़ की योजना से बदलेगी तस्वीर

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अमृतपुर/ फर्रुखाबाद।

जिले में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कुढला झील के कायाकल्प की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करीब 150 बीघा क्षेत्र में फैली इस प्राकृतिक झील को अब एक आधुनिक और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2.5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे झील की सूरत बदलने की तैयारी है।

बुधवार को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण कर विकास कार्यों की रूपरेखा तय की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने झील क्षेत्र का जायजा लेते हुए उसकी वर्तमान स्थिति, संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

प्रस्तावित योजना के तहत कुढला झील को वाटरफ्रंट डेवलपमेंट मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यहां वॉच टावर, गजिबो, बोटिंग सुविधा, वॉकिंग ट्रैक, बैठने के प्लेटफॉर्म, सेल्फी प्वाइंट और बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र बनाए जाएंगे। साथ ही हरियाली बढ़ाने, आकर्षक लैंडस्केपिंग और हाईमास्ट लाइटिंग की व्यवस्था कर इसे दिन और रात दोनों समय पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

गौरतलब है कि कुढला झील हर वर्ष साइबेरियन पक्षियों के आगमन के लिए भी जानी जाती है, जिससे इसका पर्यावरणीय महत्व और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से विकास होने पर यह झील जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश का प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र बन सकती है।

इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। नाव संचालन, छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प और खान-पान से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि लंबे समय से उपेक्षित रही कुढला झील अब क्षेत्र की पहचान बनेगी और पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग जगह बनाएगी।

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