फर्रुखाबाद–बदायूं मार्ग इन दिनों लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर चर्चा में बना हुआ है। स्थानीय लोगों और राहगीरों के अनुसार इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि दुर्घटनाओं के पीछे केवल तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इस मार्ग पर पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है। पहले की तुलना में अब इस सड़क पर यातायात कई गुना अधिक हो चुका है, जबकि सड़क की चौड़ाई आज भी पुरानी स्थिति में ही है।
बताया गया कि सड़क संकरी होने के कारण जब दो बड़े वाहन एक-दूसरे को ओवरटेक करते हैं तो तीसरे वाहन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। सड़क किनारे बने फुटपाथ झाड़ियों, गड्ढों और अतिक्रमण में तब्दील हो चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को मजबूरन सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग के किनारे बने फुटपाथों के रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की है, लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का चौड़ीकरण और किनारों का समुचित निर्माण नहीं कराया गया तो हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।
इसी क्रम में सुबह 11:30 बजे कस्बा अमृतपुर में बाबूजी फैमिली ढाबा के निकट दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक शिवा पुत्र गंगाबख्श उर्फ टीटू सोमवंशी निवासी ग्राम नगला हूसा, जनपद फर्रुखाबाद, अपने गांव से अमृतपुर की ओर जा रहे थे। उसी समय दूसरी ओर से आ रहे कमलेश सिंह पुत्र नेपाल सिंह (उम्र लगभग 35 वर्ष) निवासी ग्राम सेमर झाला मुंडेर, थाना पाली, जनपद हरदोई से उनकी बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई।
दुर्घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। राहगीरों द्वारा एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई। गंभीर रूप से घायल शिवा को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति गंभीर बताते हुए आगे हायर सेंटर भेज दिया।
वहीं कमलेश सिंह को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार कमलेश अपनी मामी के निधन पर अमृतपुर क्षेत्र के एक गांव आए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक की माता जमुना देवी और पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। कमलेश अपने पीछे तीन छोटे बच्चों—देव (13 वर्ष), हिमांशु (8 वर्ष) और साहिल (5 वर्ष)—को छोड़ गए हैं।
चौड़ीकरण और सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और राहगीरों का कहना है कि इस मार्ग पर बढ़ते यातायात को देखते हुए अब सड़क का चौड़ीकरण, समतलीकरण, मजबूत किनारे, साफ फुटपाथ और यातायात संकेतकों की तत्काल आवश्यकता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाएं लगातार जानलेवा साबित होती रहेंगी।
