कायमगंज/फर्रुखाबाद।
नगर स्थित सी.पी. विद्या निकेतन में आयोजित ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। किसी ने फैशन शो के जरिए अपनी अदाओं का जलवा बिखेरा, तो किसी ने कैसियो की मधुर धुनों से दर्शकों का मन मोह लिया। श्रीराम स्तुति की भक्तिमय प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया, जबकि कक्षा दो और तीन के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामायण के मंचन ने भारतीय संस्कृति और मर्यादा का जीवंत चित्र सामने रख दिया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने अतिथियों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालय में आयोजित इस भव्य समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद एल.के.जी. के नन्हे विद्यार्थियों ने प्रातःकालीन प्रार्थना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत को भक्तिमय बना दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य आर.के. बाजपेयी ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां, रचनात्मक कार्यक्रम और मंचीय प्रस्तुतियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे सबके सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
रैंप पर नन्हे सितारों की अदाएं, कैसियो की धुनों ने जीता दिल

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू होते ही दर्शकों का उत्साह बढ़ता चला गया। प्ले ग्रुप के बच्चों ने आकर्षक फैशन शो में हिस्सा लेकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। नन्हे बच्चों का आत्मविश्वास और मंच पर उनकी सहजता दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
वहीं, नर्सरी के छात्र एस.डी. आरविन जेना ने कैसियो वादन के जरिए अपनी संगीतमय प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संगीत की मधुरता घोल दी। इसके बाद यू.के.जी. के छात्र प्रत्यक्ष ने श्रीराम स्तुति प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी इस प्रस्तुति को खूब सराहना मिली।
कार्यक्रम में ‘बुरा मत सुनो’ संदेश पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने सकारात्मक सोच अपनाने और अच्छी बातों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। छोटी-छोटी उम्र में बच्चों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर नन्ही प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
रामायण मंचन बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, अभिनय और संवादों ने बांधा समां
‘उत्कर्ष’ समारोह का सबसे खास और यादगार पल कक्षा दो और तीन के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामायण का नाट्य मंचन रहा। बच्चों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत करने का प्रयास किया। मंच पर भारतीय संस्कृति, आदर्शों और नैतिक मूल्यों की झलक दिखाई दी।
नन्हे कलाकारों ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिकाएं निभाईं, उसने दर्शकों का मन मोह लिया। रामायण के माध्यम से बच्चों ने मर्यादा, कर्तव्य, अनुशासन और आदर्श जीवन के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और अतिथियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. मिथलेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल देश का भविष्य बनेंगे। बच्चों को यदि सही शिक्षा, संस्कार और प्रोत्साहन मिले, तो वे जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विशिष्ट अतिथि नितिन अग्रवाल एवं मसूद अली खान ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व समझाते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों और विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनके उत्साह में और वृद्धि हुई। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य दीपक कुमार जेना ने नर्सरी विंग की रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा विद्यार्थियों की गतिविधियों और उनके विकास से संबंधित जानकारी साझा की।
विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ उन्हें सम्मानित करने की पहल ने समारोह को और खास बना दिया।
शिक्षकों की मेहनत रंग लाई, राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही। ऋचा सक्सेना, अंजलि सिंह, रेनू अरोरा, प्रभा चतुर्वेदी और सीमा अरोरा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को तैयार करने और कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में योगदान दिया।
समारोह के अंत में कक्षा दो की प्रभारी प्रीति अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और प्रबंध तंत्र के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।

