रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा का तोहफा बना जी का जंजाल: मैनपुरी में उमड़ी भारी भीड़, खिड़कियों से बच्चों को चढ़ाने को मजबूर हुए लोग
मैनपुरी (अजय किशोर) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं को दी गई मुफ्त बस यात्रा की सौगात ने इस बार यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। मैनपुरी जनपद में रोडवेज बसों की उपलब्धता यात्रियों के विशाल सैलाब के आगे नाकाफी साबित हुई, जिसके चलते शहर के मुख्य बस अड्डों और ईशन नदी पुल के पास सुबह से ही अफरा-तफरी और बेकाबू हालात देखने को मिले।
कानपुर, आगरा और इटावा जाने वाले प्रमुख रूटों पर स्थिति सबसे ज्यादा विकट नजर आई, जहां बसों के इंतजार में खड़े बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को घंटों तक भीषण भीड़ के बीच जद्दोजहद करनी पड़ी। जैसे ही डिपो पर कोई बस पहुंचती, सीट हासिल करने के लिए लोगों में ऐसी धक्का-मुक्की मचती कि कई मुसाफिर जान जोखिम में डालकर दरवाजों और सीढ़ियों पर लटकने को मजबूर हो गए, वहीं कई जगहों पर बेबस परिजनों को खिड़कियों के रास्ते मासूम बच्चों को अंदर पहुंचाना पड़ा।
इस बार मची यह अफरा-तफरी पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक थी, जिसकी मुख्य वजह सरकार द्वारा बनाई गई नई व्यवस्था है। इस वर्ष महिलाओं के साथ उनके एक साथी को भी मुफ्त यात्रा का लाभ दिए जाने के प्रावधान के कारण डिपो पर यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल आया, जिससे परिवहन निगम के तमाम प्रशासनिक दावे धरे के धरे रह गए।
इस विकट स्थिति और यात्रियों की परेशानियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मैनपुरी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि डिपो के बेड़े में कुल 76 बसें नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं और भीड़ को देखते हुए लगातार फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद, त्योहार के दिन उमड़े इस जनसैलाब ने यह स्पष्ट कर दिया कि कागजी तैयारियों से इतर जमीनी स्तर पर भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त बसों की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की सख्त जरूरत थी।

